Russian Oil Purchase Permission: जंग और तेल संकट के बीच अमेरिका का बड़ा ऐलान! अब भारत जैसे अन्य देशों को भी मिली इस चीज की छूट, ट्रंप ने दिया ग्रीन सिग्नल

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Russian Oil Purchase Permission: जंग और तेल संकट के बीच अमेरिका का बड़ा ऐलान! अब भारत जैसे अन्य देशों को भी मिली इस चीज की छूट, ट्रंप ने दिया ग्रीन सिग्नल

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  • Publish Date - March 13, 2026 / 10:06 AM IST,
    Updated On - March 13, 2026 / 10:08 AM IST

Russian Oil Purchase Permission/Image Source: ANI

HIGHLIGHTS
  • तेल संकट के बीच ट्रंप का नया दांव
  • रूस के तेल पर दी अस्थायी अनुमति
  • रूसी तेल खरीदने का ग्रीन सिग्नल

वॉशिंगटन:  Russian Oil Purchase Permission:  तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने अन्य देशों को इस समय समुद्र में फंसे रूसी तेल की खरीद की अस्थायी अनुमति दिए जाने की घोषणा की है। ईरान के खिलाफ अमेरिका एवं इजराइल के युद्ध के जल्द समाप्त होने के तत्काल कोई संकेत नहीं मिलने के बीच यह घोषणा की गई है। अमेरिका ने इससे पहले भारत को भी प्रतिबंधों से इसी तरह की ‘‘छूट’’ दी थी ताकि वह रूसी तेल खरीद सके। यह कदम 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से बढ़ रही तेल कीमतों को कम करने के प्रयासों के तहत उठाया गया।

तेल की कीमतों के बीच बड़ा फैसला! (US Russia oil sanctions)

Russian Oil Purchase Permission:  अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ में कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति वैश्विक ऊर्जा बाजारों में स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए निर्णायक कदम उठा रहे हैं और हम आतंकवादी ईरानी शासन से उत्पन्न खतरे एवं अस्थिरता से निपटते हुए कीमतों को कम रखने की दिशा में काम कर रहे हैं।’’ अमेरिका ने पांच मार्च को भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की ‘‘छूट’’ दी थी। इससे पहले उसने रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। बेसेंट ने कहा, ‘‘मौजूदा आपूर्ति की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए अमेरिकी वित्त मंत्रालय यह अस्थायी अनुमति दे रहा है ताकि देश इस समय समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीद सकें।’’

 रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट (Donald Trump energy policy)

Russian Oil Purchase Permission:  उन्होंने कहा कि कम अवधि के लिए और सीमित रूप से उठाया गया यह कदम केवल उस तेल पर लागू होगा जो पहले से परिवहन में है और इससे रूस सरकार को कोई बड़ा वित्तीय लाभ नहीं होगा, क्योंकि उसकी ऊर्जा आय का अधिकतर हिस्सा उत्पादन के बिंदु पर लगाए जाने वाले करों से आता है। बेसेंट ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ट्रंप की ऊर्जा समर्थक नीतियों ने अमेरिका के तेल और गैस उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाया है जिससे अमेरिकियों के लिए ईंधन की कीमतें कम हुई हैं। तेल कीमतों में अस्थायी वृद्धि अल्पकालिक और अस्थायी व्यवधान है, जिससे लंबे समय में हमारे देश और अर्थव्यवस्था को भारी लाभ होगा।’’

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"रूसी तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति" क्यों दी गई है?

अमेरिका ने वैश्विक तेल कीमतों को नियंत्रित रखने और ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए समुद्र में परिवहन के दौरान मौजूद रूसी तेल की खरीद की अस्थायी अनुमति दी है।

"अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट" कब दी थी?

अमेरिका ने भारत को 5 मार्च को लगभग 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी थी।

"रूसी तेल खरीदने की अनुमति" से वैश्विक तेल कीमतों पर क्या असर होगा?

इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ाना और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहे।