अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षक दिवस पर दो भारतीय शांति सैनिकों को मरणोपरांत सम्मान

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अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षक दिवस पर दो भारतीय शांति सैनिकों को मरणोपरांत सम्मान

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 10:40 AM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 10:40 AM IST

(योषिता सिंह)

संयुक्त राष्ट्र, 28 मई (भाषा) दो भारतीय शांति सैनिकों को संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर कर्तव्य के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।

कांगो गणराज्य में संयुक्त राष्ट्र संगठन स्थिरीकरण मिशन में सेवा देने वाले लांस हवलदार हरभजन सिंह और दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में तैनात नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान को ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस द्वारा प्रतिष्ठित ‘डैग हैमरशोल्ड मेडल’ से मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा, गुतारेस भारत की मेजर अभिलाषा बराक को वर्ष 2025 का ‘मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार प्रदान करेंगे। वह पश्चिम एशियाई देश लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में तैनात हैं। उन्हें महिलाओं और लड़कियों के साथ संपर्क एवं सहयोग के प्रयासों के लिए सम्मानित किया जाएगा।

हर वर्ष 29 मई को दुनिया संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाती है। इस दिन उन शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।

संयुक्त राष्ट्र ने एक बयान में कहा कि न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में पांच जून को इस दिवस का आयोजन किया जाएगा, जहां महासचिव शांति स्थापना कार्यों में जान गंवाने वाले पुरुषों और महिलाओं की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित करेंगे।

भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में वर्दीधारी कर्मियों का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता देश है।

अब तक लगभग 180 भारतीय शांति सैनिक ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं, जो किसी भी सैनिक-योगदानकर्ता देश में सबसे अधिक संख्या है।

मेजर अभिलाषा बराक इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने वाली भारत की तीसरी अधिकारी होंगी। इससे पहले मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

भाषा गोला रंजन

रंजन