ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमले की यूएई ने निंदा की

ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमले की यूएई ने निंदा की

ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमले की यूएई ने निंदा की
Modified Date: May 15, 2026 / 01:28 pm IST
Published Date: May 15, 2026 1:28 pm IST

दुबई, 15 मई (भाषा) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘‘आतंकवादी हमला’’ और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की स्थिरता के लिए ‘‘खतरे में वृद्धि’’ करार दिया है।

भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, सोमालिया से रवाना हुआ यह वाणिज्यिक पोत बुधवार को हमले का शिकार हुआ।

मंत्रालय ने कहा कि पोत के चालक दल के सभी 14 सदस्यों को ओमान के अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया। हमला किसने किया, इसका तत्काल पता नहीं चल पाया है।

यूएई के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा, ‘‘यूएई ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले पोत पर हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है। यह हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और महत्वपूर्ण जलमार्गों की स्थिरता को कमजोर करने वाला है।’’

यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट हुई, जो ओमान तट के पास स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है और जहां से दुनिया की लगभग 20 फीसदी ऊर्जा आपूर्ति होती है।

पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जारी संघर्ष के कारण इस क्षेत्र की स्थिति पहले से ही नाजुक बनी हुई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया।

एमओएफए ने कहा कि भारतीय ध्वज वाले पोत पर हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन है, जिसमें समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित किया गया है और वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाने या अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा डालने का विरोध किया गया है।

बयान में कहा गया, ‘‘वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज जलडमरूमध्य का आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के साधन के रूप में इस्तेमाल करना समुद्री डकैती के समान है और यह क्षेत्र, वहां के लोगों तथा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की स्थिरता के लिए प्रत्यक्ष खतरा है।’’

यूएई ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए उसके पोतों और हितों की सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले सभी कदमों का समर्थन किया है।

इससे पहले भारत ने भी इस हमले को ‘‘अस्वीकार्य’’ करार दिया था।

पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय ध्वज वाले कम से कम दो अन्य पोतों पर भी हमले हो चुके हैं।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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