(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, एक मार्च (भाषा) संयुक्त राष्ट्र (संरा) प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की जबकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिकी व इजराइली राजदूतों की ईरानी राजदूत से जबरदस्त बहस हुई।
महासचिव गुतारेस ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में सैन्य कार्रवाई से दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में बेलगाम ‘‘घटनाओं का सिलसिला’’ शुरू होने का खतरा है।
गुतारेस ने शनिवार को सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरे का सामना कर रहे हैं। सैन्य कार्रवाई से ऐसी घटनाओं का सिलसिला शुरू होने का खतरा है, जिसे दुनिया के सबसे अस्थिर क्षेत्र में कोई भी नियंत्रित नहीं कर सकता।’’
संयुक्त राष्ट्र की 15 सदस्यीय शक्तिशाली संस्था की बैठक अमेरिका व इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने और उसके बाद हुए जवाबी हमलों के कुछ घंटों बाद हुई।
गुतारेस ने ईरान के खिलाफ अमेरिका व इजराइल के भीषण सैन्य हमलों की निंदा करने के साथ-साथ बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की ‘‘संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन’’ कर किए गए ईरानी हमलों की भी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘तेहरान में राष्ट्रपति भवन और सर्वोच्च नेता के परिसर वाले इलाके में बड़े विस्फोटों की खबर मिली है। खबरों के मुताबिक, कई उच्च पदस्थ अधिकारी मारे गए हैं। इजराइली सूत्रों के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भी इन हमलों में मारे गए हैं हालांकि इसकी मैं पुष्टि करने की स्थिति में नहीं हूं।’’
न्यूयॉर्क में सुरक्षा परिषद की बैठक के बीच फ्लोरिडा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में अयातुल्ला की मौत की घोषणा की।
ट्रंप ने कहा, ‘‘इतिहास के सबसे दुष्ट लोगों में से एक खामेनेई मारा गया। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनिया भर के कई देशों के उन लोगों के साथ भी न्याय है जिन्हें खामेनेई और उसके कातिल गुंडों के गिरोह ने मार डाला या अपंग कर दिया था।’’
ट्रंप ने चेतावनी दी कि ‘‘भारी और सटीक बमबारी’’ जारी रहेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘हमला तब तक जारी रहेगा, जब तक पश्चिम एशिया और वास्तव में पूरी दुनिया में शांति का हमारा उद्देश्य प्राप्त नहीं हो जाता!’’
गुतारेस ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र व दुनिया को अब एक समाधान की आवश्यकता है और उन्होंने तनाव कम करने व शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘अगर ये नहीं रुका तो व्यापक संघर्ष होने की आशंका है, जिसके नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।’’
सुरक्षा परिषद की बैठक में अमेरिकी व इजराइली राजदूतों की ईरानी राजदूत के साथ तीखी बहस हुई।
बैठक के दौरान अमेरिकी राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा, ‘‘इतिहास ने हमें सिखाया है कि निष्क्रियता की कीमत निर्णायक कार्रवाई के बोझ से कहीं अधिक होती है। हमारे राष्ट्रपति ट्रंप ने आज वह निर्णायक कार्रवाई की है।’’
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रतिनिधि राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा, ‘‘इतिहास का यह एक ऐसा क्षण है जिसमें नैतिक स्पष्टता की आवश्यकता है और राष्ट्रपति ट्रंप ने इस चुनौती का सामना किया है। किसी भी संप्रभु सरकार का सबसे मूलभूत कर्तव्य अपने लोगों की रक्षा करना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ईरान का उन्नत मिसाइल क्षमताओं को लगातार हासिल करने का प्रयास और कूटनीतिक अवसरों के बावजूद परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने से इनकार करना, एक गंभीर व बड़ा खतरा उत्पन्न करता।’’
वॉल्ट्ज ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने लंबे समय से एक सरल और आवश्यक सिद्धांत की पुष्टि की है। ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। यह सिद्धांत राजनीति का विषय नहीं है बल्कि वैश्विक सुरक्षा का विषय है। इसी उद्देश्य से अमेरिका कानूनी कार्रवाई कर रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जहां संयुक्त राष्ट्र में नैतिक रूप से स्पष्टता में कमी दिखेगी, वहां अमेरिका इसे बनाए रखेगा।’’
संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने परिषद को बताया कि उनके देश ने अमेरिका के साथ मिलकर ‘‘अस्तित्व पर आए संकट का सामना करने और उसे रोकने’’ के लिए ये कार्रवाई की।
डैनन ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करेंगे कि परमाणु हथियारों और बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस कोई भी कट्टरपंथी शासन हमारे लोगों या पूरी दुनिया को धमकी न दे सके। हमने आवेग में आकर या आक्रामक होकर यह कार्रवाई नहीं की। हमने मजबूरी में यह कदम उठाया क्योंकि ईरानी शासन ने कोई और उचित विकल्प नहीं छोड़ा था। यह संयुक्त प्रयास तब तक जारी रहेगा जब तक खतरा बना रहेगा।’’
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने हाल के महीनों में दूसरी बार उनके देश के खिलाफ ‘‘बिना उकसावे के और सोची-समझी आक्रामकता’’ शुरू की है।
उन्होंने ‘‘अमेरिका व इजराइल की सरकारों द्वारा की गई आक्रामकता, जघन्य अपराध और नागरिक बुनियादी ढांचों को जानबूझकर लगातार निशाना बनाने को न केवल आक्रामकता का कृत्य, बल्कि युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध’’ करार दिया।
इरावानी ने कहा कि दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मीनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले में 100 से अधिक बच्चे मारे गए।
ईरानी राजदूत ने कहा, ‘‘इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र नियमों का उल्लंघन किया है। उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। जब तक यह आक्रामण जारी रहेगा, ईरान इस आक्रामकता के समाप्त होने तक दृढ़तापूर्वक और बिना किसी संकोच के आत्मरक्षा के अपने अंतर्निहित अधिकार का प्रयोग करते हुए माकूल जवाब देगा।’’
उन्होंने कहा, “सुरक्षा परिषद को अब कार्रवाई करनी चाहिए और इस आक्रामकता को तुरंत रोकना चाहिए। इस अपराध में चुप्पी साधना अपराध में सहभागिता है।”
भाषा सुरभि जितेंद्र
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