पटना, एक मार्च (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के बिहार में राज्यसभा चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच, पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद ने रविवार को यहां संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई।
यह बैठक राज्यसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से चार दिन पहले हो रही है।
राजद की बिहार इकाई के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं अटकलों पर कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन एक बात बिल्कुल स्पष्ट है। लोग हमारे नेता तेजस्वी जी को संसद के उच्च सदन में देखना चाहते हैं। इंतजार करें, जल्द स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।’’
बिहार की कुल 16 राज्यसभा सीट में से पांच सीट अप्रैल में रिक्त हो जाएंगी, जिनके लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे।
जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर, राजद के प्रेमचंद गुप्ता और अमरेंद्रधारी सिंह तथा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा का राज्यसभा कार्यकाल अगले महीने समाप्त हो जाएगा।
राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद के पास केवल 25 विधायक हैं, जो राज्यसभा में सीट हासिल करने के लिए बहुत कम हैं।
राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) (भाकपा-माले), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) शामिल हैं। गठबंधन के पास 243 सदस्यीय राज्य विधानसभा में केवल 35 सदस्य हैं, जो संसद के ऊपरी सदन में सीट पाने के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से छह कम है।
पांचवीं सीट को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि वर्तमान स्थिति में न तो राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन और न ही राजग के पास अकेले दम पर जीतने के लिए पर्याप्त संख्या है।
राज्यसभा सीट जीतने के लिए बिहार विधानसभा के 243 सदस्यों में से कम से कम 41 विधायकों का समर्थन आवश्यक है।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि पांच मार्च है, जबकि दस्तावेजों की जांच अगले दिन होगी।
उम्मीदवारों को नौ मार्च तक अपना नामांकन वापस लेने की अनुमति होगी।
भाषा तान्या सुरभि
सुरभि