(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, 12 जून (भाषा) संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस के प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने ओमान के तट पर पलाऊ ध्वज वाले एक टैंकर पर हुए हमले की निंदा की और तीन भारतीय नाविकों की मौत पर दुख जताया।
अमेरिका ने बुधवार को पलाऊ के ध्वज वाले एक और टैंकर ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर हमला किया जिससे जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बृहस्पतिवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘…सेट्टेबेलो टैंकर पर हमले में कई भारतीय नाविक मारे गए। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के महासचिव ने साफ तौर पर निंदा की है। हम उनकी बात का पूरी तरह से समर्थन और अनुमोदन करते हैं।’’
दुजारिक, आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज के एक बयान का जिक्र कर रहे थे, जिसमें डोमिंग्वेज ने ओमान के तट के पास पलाऊ के झंडे वाले टैंकर ‘एमटी सेट्टेबेलो’ पर हुए हमले को लेकर ‘‘गहरा दुख’’ जताया था और हमले की ‘‘कड़ी निंदा’’ की थी।
आईएमओ के बयान में कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुई इस घटना में जहाज पर प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ जिससे जहाज में आग लग गई और तीन नाविकों की मौत हो गई।
डोमिंग्वेज ने बयान में कहा कि वह किसी भी पक्ष की ओर से की गई ऐसी किसी भी हरकत की ‘‘कड़ी निंदा’’ करते हैं, जिसमें नाविकों की जान और अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा को खतरा हो।
डोमिंग्वेज ने कहा कि आईएमओ ने हर समय नाविकों, नागरिक जहाजों की सुरक्षा और नौवहन की आजादी की जरूरत पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। मेरी संवेदनाएं इस घटना में जान गंवाने वाले तीनों नाविकों के परिवारों के साथ हैं और उन सभी लोगों के साथ है जो चालक दल के सदस्यों के बारे में खबर का इंतजार कर रहे हैं।’’
डोमिंग्वेज ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय नौवहन पर असर डालने वाली सभी गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र में जीवन की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। समुद्री कर्मियों की सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है जिसे सबसे ज्यादा अहमियत दी जानी चाहिए।’’
आईएमओ ने कहा कि वह हालात पर बारीकी से नजर रख रही है और घटना के हालात की पूरी और पारदर्शी जांच की मांग करती है।
पश्चिम एशिया के हालात पर गुतारेस ने कहा कि वह इस इलाके में लगातार बढ़ते तनाव को लेकर बहुत चिंतित हैं। इसमें अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले, ईरान द्वारा खाड़ी और उसके बाहर के पड़ोसी देशों पर हमले (जो इस टकराव का हिस्सा नहीं हैं) और तीखे और आक्रामक बयानों में भारी बढ़ोतरी शामिल है।
भाषा सुरभि शोभना
शोभना