वाशिंगटन, पांच जून (एपी) अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में यूक्रेन की सहायता के प्रावधान वाला और रूसी अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी एक विधेयक पारित किया गया है। हालांकि रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी थी कि यह विधेयक समान लेकिन अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त करने के लिए जारी वार्ताओं को कमजोर करेगा।
न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ग्रेगरी मीक्स द्वारा प्रायोजित इस विधेयक का उद्देश्य यूक्रेन को सुरक्षा और पुनर्निर्माण सहायता के रूप में एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की राशि प्रदान करके अमेरिकी सहायता को मजबूत करना है। इसके अलावा, यह ऋण के माध्यम से यूक्रेन की रक्षा के लिए आठ अरब अमेरिकी डॉलर उपलब्ध कराएगा।
विधेयक 195 के मुकाबले 226 मत से पारित हुआ। यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्ध संबंधी दृष्टिकोण के प्रति असंतोष का संकेत है और ट्रंप की विदेश नीति में इस सप्ताह सदन का दूसरा बड़ा मतभेद दर्शाता है। इससे एक दिन पहले सदन ने पहली बार ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकने के उद्देश्य से युद्ध शक्तियों से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
समर्थकों ने एक संसदीय याचिका पर 218 सांसदों के हस्ताक्षर जुटाकर यूक्रेन विधेयक पर कार्रवाई के पक्ष में दबाव बनाने में कामयाबी हासिल की। यह एक संसदीय प्रक्रिया है जिसके माध्यम से प्रतिनिधि सभा का बहुमत सदन के नेतृत्व को प्रभावी रूप से दरकिनार करते हुए किसी विधेयक को विचारार्थ या मतदान के लिए आगे बढ़ा सकता है।
पहले तो यह तरीका शायद ही कभी सफल होता था, लेकिन इस बार सदन के सदस्यों ने याचिका के जरिए जेफरी एपस्टीन से संबंधित सरकारी फाइलों को जारी करने और ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ के तहत स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करने वाले कई लोगों को स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी प्रदान करने वाले विधेयकों को पारित कराया है। हालांकि ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ सीनेट में पारित नहीं हो पाया।
मीक्स ने कहा, ‘‘हम सभी इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। सवाल यह है कि कैसे। क्या हम यूक्रेन को छोड़ देंगे और उसे किसी भयानक समझौते के लिए मजबूर करेंगे? व्लादिमीर पुतिन इसी की उम्मीद कर रहे हैं। या क्या यह सदन इस युद्ध की शुरुआत से किए गए अपने वादों को पूरा करेगा?’’
रिपब्लिकन पार्टी के अधिकतर सदस्यों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। सदन की वित्तीय सेवा समिति के अध्यक्ष, फ्रेंच हिल ने कहा कि वह यूक्रेन के पक्के समर्थक हैं।
एपी सुरभि मनीषा
मनीषा