अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक निकासी पर ध्यान केंद्रित कर रहा अमेरिका

अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक निकासी पर ध्यान केंद्रित कर रहा अमेरिका

अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक निकासी पर ध्यान केंद्रित कर रहा अमेरिका
Modified Date: November 29, 2022 / 08:03 pm IST
Published Date: August 24, 2021 10:33 am IST

(ललित के. झा)

वाशिंगटन, 24 अगस्त (भाषा) बाइडन प्रशासन ने सोमवार को कहा कि वह अफगानिस्तान से लोगों को निकालने के अभियान को 31 अगस्त तक पूरा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। व्हाइट हाउस, विदेश मंत्रालय और पेंटागन के अधिकारियों के अनुसार, काबुल हवाई अड्डे से लोगों को निकालने के अभियान को विस्तार देने पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति जो बाइडन को लेना है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने व्हाइट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “यह प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ेगी, इस पर अंतिम निर्णय सिवाय राष्ट्रपति के और कोई नहीं ले सकता।” तालिबान द्वारा तय की गई 31 अगस्त की समयसीमा पर पूछे गए सवाल के जवाब में सुलिवान ने यह कहा। काबुल हवाई अड्डे पर अभी 5,800 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं जो मुख्य रूप से अपने नागरिकों और 20 वर्ष तक अमेरिका की सहायता करने वाले अफगान नागरिकों को निकालने में लगे हैं।

सुलिवान ने कहा, “राष्ट्रपति का मानना है कि हम उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। दर्जनों उड़ानों में हजारों लोगों को उस देश से निकाला गया है। हमारा मानना है कि आज तथा आने वाले दिनों में हम और प्रगति करेंगे। और जैसा कि मैंने कहा, वह हर दिन हालात पर नजर बनाए हुए हैं और जैसे-जैसे यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वह फैसले लेंगे।”

पेंटागन में रक्षा मंत्रालय के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने तालिबान के प्रवक्ता द्वारा 31 अगस्त की समयसीमा पर दिए गए बयान देखे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है, हम सब उस विचार को समझते हैं। हमारा लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालना है। हालांकि, हमें खुशी है कि हम कल अधिक संख्या में लोगों को निकाल पाए लेकिन इस पर हम रुकने वाले नहीं हैं। हमारा ध्यान इस पर केंद्रित है कि महीने के अंत तक हम कितना अच्छा कर लेते हैं।”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, “यह अभियान कब समाप्त होगा इस पर राष्ट्रपति बाइडन को अंतिम फैसला करना है। मैं आपको बता सकता हूं कि हमारा लक्ष्य जल्द से जल्द और प्रभावी रूप से ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकालना है।”

भाषा यश रंजन मनीषा

मनीषा


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