लेबनान में लड़ाई के कारण अमेरिका और ईरान की बातचीत स्थगित की गई

लेबनान में लड़ाई के कारण अमेरिका और ईरान की बातचीत स्थगित की गई

लेबनान में लड़ाई के कारण अमेरिका और ईरान की बातचीत स्थगित की गई
Modified Date: June 19, 2026 / 09:40 pm IST
Published Date: June 19, 2026 9:40 pm IST

यरुशलम, 19 जून (एपी) दक्षिणी लेबनान में इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच संघर्ष के बाद शुक्रवार को अमेरिका और ईरान की बातचीत को स्थगित कर दिया गया जिससे ईरान युद्ध समाप्त करने के प्रारंभिक समझौते को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं।

यह समझौता 60 दिनों की उस अवधि को तय करता है जिसके दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर स्थायी सहमति बनाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल परिवहन को सामान्य करने का लक्ष्य रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि बाद में इजराइल और चरमपंथी समूह ने युद्धविराम को फिर से बहाल करने पर सहमति जताई।

दो क्षेत्रीय अधिकारियों और एक अमेरिकी अधिकारी ने युद्धविराम बहाल करने पर सहमति बनने की जानकारी दी।

क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, इस अस्थायी युद्धविराम की मध्यस्थता कतर, अमेरिका और ईरान ने मिलकर की है।

हिज्बुल्ला ने तुरंत यह पुष्टि नहीं की कि युद्धविराम लागू हो गया है। इजराइल ने भी इस युद्धविराम पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

ईरानी अधिकारियों ने योजना के अनुसार स्विट्जरलैंड की यात्रा नहीं की और जोर दिया कि बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में लड़ाई रुकनी चाहिए।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी अपनी यात्रा स्थगित कर दी।

इजराइल की सेना ने शुक्रवार को कहा कि उसने रातभर दक्षिणी लेबनान में कई लक्ष्यों पर हमले किए, जबकि हिज्बुल्ला ने क्षेत्र में भीषण लड़ाई जारी रहने की जानकारी दी है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कम से कम 21 लोग मारे गए, जबकि इजराइल ने कहा कि उसके चार सैनिकों की मौत हुई।

इन घटनाओं ने ईरान और अमेरिका के बीच हाल में हुए युद्ध समाप्ति संबंधी प्रारंभिक समझौते के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न तो इजराइल और न ही चरमपंथी समूह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

इजराइली सेना ने कहा कि दक्षिणी लेबनान के नबातियह शहर के निकट हमले में एक लेफ्टिनेंट कर्नल समेत चार सैनिक मारे गए। इसने कहा कि एक ड्रोन हमले में अन्य पांच लोग घायल हो गए।

एक सैन्य बयान के अनुसार इसके बाद इजराइल ने नबातियह और अन्य क्षेत्रों में “हिज्बुल्ला के बुनियादी ढांचे से जुड़े ठिकानों” पर कई हमले किए।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, ‘‘इजराइल अपने सैनिकों या अपने क्षेत्र पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा, और इन हमलों के लिए हिज्बुल्ला को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’’

प्रारंभिक समझौते के अनुसार ईरान को अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में कम करना होगा और परमाणु हथियार विकसित न करने की प्रतिबद्धता दोहरानी होगी, हालांकि कई अन्य मुद्दों पर बातचीत बाकी है।

एपी देवेंद्र अविनाश

अविनाश


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