अमेरिका ने ईरान पर फिर हवाई हमले किए, तेहरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया

अमेरिका ने ईरान पर फिर हवाई हमले किए, तेहरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया

अमेरिका ने ईरान पर फिर हवाई हमले किए, तेहरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया
Modified Date: June 28, 2026 / 10:32 am IST
Published Date: June 28, 2026 10:32 am IST

दुबई, 28 जून (एपी) अमेरिका की सेना ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर शनिवार को ईरान पर दूसरे दौर के हवाई हमले किए और इसी बीच ईरान ने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया।

इन हमलों से दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने के लिए हुआ अंतरिम समझौता और खतरे में पड़ गया है।

कुवैत पर रविवार तड़के किया गया हमला युद्ध रोकने के उद्देश्य से हुए समझौते के बाद उस पर हुआ पहला हमला है।

यह हमला ऐसे समय हुआ, जब अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाली एक बहुराष्ट्रीय समुद्री संस्था ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के पास स्थित एक मार्ग का विस्तार किया जाएगा ताकि उससे खाड़ी में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले पोतों की आवाजाही हो सके। इस कदम से ईरान के साथ टकराव का एक नया कारण पैदा हो सकता है।

‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि समुद्र में एक पोत पर शनिवार तड़के हमले के बाद उसने ‘‘ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों, हवाई रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया।’’

ईरानी हमले का शिकार हुआ पनामा के ध्वज वाला तेल टैंकर ‘किकू’ कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी के लिए कच्चा तेल लेकर गया था। कतर, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में प्रमुख मध्यस्थ है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ने ‘‘युद्धविराम समझौते का फिर से उल्लंघन किए जाने के जवाब में ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार स्थलों पर हमले किए।’’

उन्होंने चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आ सकता है, जब अमेरिका के लिए संयम बरतना संभव नहीं होगा और वह ‘‘सैन्य कार्रवाई के जरिये काम पूरा करने के लिए मजबूर हो जाएगा।’’

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘अगर ऐसा हुआ तो इस्लामी गणराज्य ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।’’

ईरान के एक ड्रोन ने बृहस्पतिवार को ओमान के तट के पास एक मालवाहक पोत को निशाना बनाया था जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने हमले किए थे।

पोतों की आवाजाही पर नजर रखने वाली वेबसाइट के अनुसार, ‘किकू’ ने इस सप्ताह की शुरुआत में फारस की खाड़ी के बीच स्थित कतर के एक तेल क्षेत्र से यात्रा शुरू की थी। वह संयुक्त अरब अमीरात के एक बंदरगाह जा रहा था जो होर्मुज जलडमरूमध्य के दूसरी ओर ओमान की खाड़ी में स्थित है।

ऐसा प्रतीत होता है कि पोत ओमान के तट के पास बनाए गए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था।

अमेरिकी सेना ने कहा कि ‘‘ईरान के पास युद्धविराम समझौते का पालन करने का अवसर था’’ लेकिन उसके बलों ने ‘किकू’ पर हमला करके ‘‘ऐसा नहीं करने का फैसला किया।’’

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ठीक उत्तर में स्थित एक इलाके में विस्फोट होने की खबर दी।

अमेरिका के हमलों के बाद कुवैत की सेना ने रविवार तड़के कहा कि उसकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले बीच में ही नष्ट कर दिया। उसने किसी प्रकार के नुकसान के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी। कुवैत में अमेरिकी थल सेना का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है।

इस बीच, बहरीन के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि ‘‘ईरान के कई ड्रोन’’ ने देश को निशाना बनाया। मंत्रालय ने हमले को ‘‘नागरिकों और वहां रह रहे लोगों की सुरक्षा के लिए खुला खतरा’’ बताया।

हमले में किसी तरह के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।

इससे पहले ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने सरकारी समाचार एजेंसी ‘इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी’ के जरिये जारी बयान में कहा था कि उसने क्षेत्र में ‘‘अमेरिकी आतंकवादी सेना के कई ठिकानों’’ को निशाना बनाया। उसने यह नहीं बताया कि किन क्षेत्रों में हमले किए गए।

बहरीन ईरान का सबसे मुखर आलोचक रहा है और वहां अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है।

एपी सिम्मी रंजन

रंजन

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