म्यांमा में सक्रिय रहे अमेरिकी विद्वान चीन में जासूसी के शक में गिरफ्तार
म्यांमा में सक्रिय रहे अमेरिकी विद्वान चीन में जासूसी के शक में गिरफ्तार
बैंकॉक, 13 जून (एपी) म्यांमा और चीन की विदेश नीति पर लिखने वाले अमेरिकी विद्वान मिन जिन को चीन में जासूसी के संदेह में गिरफ्तार कर लिया गया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि मिन जिन पर ‘‘चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली जासूसी गतिविधियों में शामिल होने’’ का संदेह है।
बीजिंग का राष्ट्रीय सुरक्षा के आरोपों में किसी अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार करना आम बात नहीं है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पिछले महीने ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की बीजिंग में मुलाकात हुई थी और दोनों देश अपने तनावपूर्ण संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
मिन जिन को जानने वाले बर्मा के एक कार्यकर्ता के अनुसार, वह तीन जून को चीन के युन्नान प्रांत के कुनमिंग शहर में एक सम्मेलन में भाग लेने गए थे, जिसके बाद से वह गायब हो गए। इस कार्यकर्ता ने सरकारी कार्रवाई के डर से अपनी पहचान गुप्त रखी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी नागरिक मिन जिन को युन्नान यात्रा के दौरान हिरासत में लिया गया। विभाग ने बताया कि अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने उनसे मुलाकात की है और उन्हें आवश्यक राजनयिक सहायता प्रदान की जा रही है।
मिन जिन 1988 में म्यांमा में हुए छात्र आंदोलन के प्रमुख कार्यकर्ताओं में शामिल रहे थे। बाद में उन्होंने अमेरिका में शरण ली। वर्तमान में वह किसी प्रत्यक्ष राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं थे।
वह आईएसपी म्यांमा नामक एक थिंक टैंक के संस्थापक हैं, जिसने हाल के वर्षों में चीन की विदेश नीति, म्यांमा-चीन व्यापार और चीन को होने वाले दुर्लभ खनिजों के निर्यात जैसे विषयों पर अध्ययन प्रकाशित किए हैं। वह अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में पीएचडी के शोधार्थी भी हैं।
मानवाधिकार संगठन ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है।
एपी गोला सुरभि
सुरभि

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