ईरान में अमेरिकी हमलों में युद्ध अपराध के उचित आधार मिले: मानवाधिकार विशेषज्ञ

ईरान में अमेरिकी हमलों में युद्ध अपराध के उचित आधार मिले: मानवाधिकार विशेषज्ञ

ईरान में अमेरिकी हमलों में युद्ध अपराध के उचित आधार मिले: मानवाधिकार विशेषज्ञ
Modified Date: September 17, 2026 / 03:29 pm IST
Published Date: September 17, 2026 3:29 pm IST

जिनेवा, 17 सितंबर (एपी) संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष मानवाधिकार संस्था की ओर से नियुक्त मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि उन्हें इस बात को मानने के ‘‘उचित आधार’’ मिले हैं कि अमेरिका ने ईरान में दो हमलों में युद्ध अपराध किये।

इन हमलों में दक्षिणी शहर मिनाब के एक स्कूल पर किया गया हमला भी शामिल है।

ईरान पर गठित अंतरराष्ट्रीय तथ्यान्वेषण मिशन का कहना था कि ये निष्कर्ष दो हवाई हमलों पर केंद्रित हैं, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 178 नागरिकों की मौत हुई थी।

मिशन ने यह भी कहा कि ईरान में सुरक्षा बलों द्वारा ‘‘बहुत बड़े पैमाने’’ पर हत्याएं हुईं।

इसने कहा कि आम नागरिक ‘‘अपनी ही सरकार द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और मानवता के खिलाफ अपराधों तथा अमेरिका और इजराइल के साथ देश के भीषण संघर्ष’’ के बीच फंसे हुए थे।

‘एसोसिएटेड प्रेस’ की खबर के अनुसार फरवरी में युद्ध शुरू होने के समय अमेरिका की कम से कम एक मिसाइल मिनाब में स्थित शजरे तय्यबे पर गिरी थी। घटना में वास्तव में क्या हुआ, इसका अभी तक कोई अंतिम ब्योरा सामने नहीं आया है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने हालांकि कहा है कि इस हमले में 168 लोग मारे गए जिनमें ज्यादातर बच्चे थे।

एपी

देवेंद्र नरेश

नरेश


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