हमने इराक से अपने सारे सैनिकों को वापस बुला लिया है : अमेरिकी सेना

हमने इराक से अपने सारे सैनिकों को वापस बुला लिया है : अमेरिकी सेना

हमने इराक से अपने सारे सैनिकों को वापस बुला लिया है : अमेरिकी सेना
Modified Date: September 30, 2026 / 07:02 pm IST
Published Date: September 30, 2026 7:02 pm IST

बगदाद, 30 सितंबर (एपी) अमेरिकी सेना ने बुधवार को कहा कि उसने इराक से अपने सैनिकों की वापसी पूरी कर ली है और इसके साथ ही आतंकी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट’ के खिलाफ 12 साल से जारी अभियान समाप्त हो गया।

बगदाद और वाशिंगटन के बीच हुए एक समझौते के तहत, अमेरिकी सैनिकों की आखिरी टुकड़ी उत्तरी इराक में स्थित एक वायुसेना अड्डे से स्वदेश रवाना हो गई।

यह वापसी अमेरिका और ईरान के बीच जारी उस जंग के दौरान हो रही है, जो कभी-कभी इराक तक भी फैल जाती है। इसमें ईरान समर्थित मिलिशिया अमेरिकी सैनिकों पर हमले करती है और अमेरिका इन समूहों के ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करता है।

सैनिकों की वापसी पर दो साल पहले सहमति बनी थी।

बगदाद ने अमेरिकी अभियान के खत्म होने को इराक की बढ़ती ताकत और संप्रभुता का प्रतीक बताया।

ईरान-समर्थित गुटों ने अमेरिकी सैनिकों की इस वापसी का जश्न मनाया, लेकिन कुछ अन्य इराकियों, खासकर कुर्द इलाके के लोगों में चिंता भी पैदा हुई। उन्हें डर है कि अमेरिकी सेना के जाने से ईरान से जुड़े गुटों का हौसला बढ़ सकता है और वे अधिक हमले कर सकते हैं। साथ ही इस्लामिक स्टेट भी फिर से सिर उठा सकता है।

इस बीच, इराकी मिलिशिया के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बगदाद सरकार ने उनके हथियार जब्त करने की कोशिश की है, लेकिन अब तक उसे इसमें अधिक कामयाबी नहीं मिली है।

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ, दशकों तक अमेरिकी दखल के बाद इराक एक नये दौर में प्रवेश कर रहा है।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय ‘पेंटागन’ के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने एक बयान में कहा कि उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में स्थित इरबिल वायुसेना अड्डे से अमेरिकी सैनिकों और सैन्य साजो सामान की ‘‘व्यवस्थित वापसी’’ पूरी हो गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह पड़ाव 12 साल के उस अभियान की सफलता को दर्शाता है, जिसने इराक और पूरे क्षेत्र में आईएसआईएस को एक संगठित सैन्य खतरे के रूप में पराजित किया।’’

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ‘‘हमारे इराकी सहयोगियों को लक्षित प्रशिक्षण और खुफिया सहायता देना जारी रखेगी।’’

इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने अमेरिकी सैनिकों की वापसी को एक ‘नये दौर’ की शुरुआत बताया, एक ऐसा दौर जो इराक की संप्रभुता, उसके संस्थानों की मजबूती, उसकी सेनाओं की तैयारी, निर्णय लेने में एकता और दोस्तों के साथ संतुलित साझेदारी से परिभाषित होगा।

उन्होंने कहा कि इराकी सुरक्षा बल इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि गैर-सरकारी समूहों के पास हथियार न रहे।

सद्दाम हुसैन को अपदस्थ करने के लिए अमेरिकी सेना ने 2003 में इराक पर हमला किया था। हुसैन 2011 में वहां से चले गए, लेकिन तीन साल बाद इराकी अधिकारियों ने इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ने के लिए अमेरिका को अपने नेतृत्व में एक सैन्य अभियान चलाने के लिए आमंत्रित किया। इस समूह ने इराक के बड़े इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया था और वहां भारी तबाही मचाई थी।

आतंकी समूह के बिखरकर अलग-अलग ‘स्लीपर सेल’ का रूप लेने के बाद, वाशिंगटन और बगदाद 2024 में इस अभियान को धीरे-धीरे खत्म करने पर सहमत हुए थे।

एपी सुभाष माधव

माधव


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