संयुक्त राष्ट्र महासभा में जुटेंगे विश्व नेता, युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु संकट पर चर्चा
संयुक्त राष्ट्र महासभा में जुटेंगे विश्व नेता, युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु संकट पर चर्चा
संयुक्त राष्ट्र, 22 सितंबर (एपी) दुनिया भर में जारी युद्धों और बढ़ते मतभेदों के बीच विश्व भर के नेता इस सप्ताह एक बैठक के सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र में जुटेंगे जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के अनियंत्रित विकास से मानवता पर संभावित खतरे, जलवायु संकट और बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक उच्च स्तरीय बैठक में ईरान, गाजा, यूक्रेन, सूडान, कांगो और म्यांमा में जारी संघर्षों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही यह सवाल भी उठेगा कि क्या विश्व नेता इन युद्धों को समाप्त करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठा सकते हैं।
बैठक में बढ़ते वैश्विक तापमान, देशों के बीच बढ़ती असमानता और अवरुद्ध समुद्री मार्गों व आपूर्ति शृंखलाओं के कारण बढ़ती जीवन-यापन लागत और धीमी आर्थिक वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
संयुक्त राष्ट्र के भविष्य का मुद्दा भी एजेंडे में रहेगा। 81 साल पुराने इस संगठन में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विजयी देशों का प्रभाव अब भी अधिक है, जबकि 21वीं सदी की प्रमुख वैश्विक शक्तियों का प्रतिनिधित्व सीमित है।
संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों ने व्यापक सुधार पैकेज पर सहमति जताई है, जिसमें शक्तिशाली सुरक्षा परिषद में बदलाव भी शामिल है। सुरक्षा परिषद में अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस को वीटो शक्ति के कारण विशेष प्रभाव हासिल है। हालांकि सुधारों को लागू करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
पर्दे के पीछे संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव को लेकर भी चर्चा होगी। महासचिव एंतोनियो गुतारेस का दूसरा पांच वर्षीय कार्यकाल 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है और अभी तक कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी सामने नहीं आया है।
संयुक्त राष्ट्र आज भी अपने 193 सदस्य देशों और उनके नेताओं के लिए प्रमुख वैश्विक मंच बना हुआ है। मंगलवार से शुरू हो रही महासभा में करीब 130 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष तथा कई मंत्री अपनी बात रखेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों प्रमुख वक्ताओं में शामिल होंगे। दोनों मंगलवार को गुतारेस के उद्घाटन भाषण के बाद संबोधित करेंगे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान बुधवार को बोलेंगे।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बृहस्पतिवार को महासभा को संबोधित करेंगे। वहीं, फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास इस बार भी संयुक्त राष्ट्र नहीं आ रहे हैं क्योंकि अमेरिका ने उन्हें वीजा देने से इनकार कर दिया है। हालांकि वह उसी दिन वीडियो माध्यम से संबोधित करेंगे।
एपी मनीषा अमित
अमित

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