(EV Subsidy Increase/ Image Credit: Bajaj Auto)
नई दिल्ली: EV Subsidy Increase: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और महंगे ईंधन के बीच सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में केद्र ने PM E-DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त (EV Subsidy Increase) राशि मंजूर की है। इस कदम से इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक खरीदने वाले ग्राहकों को आगे की सब्सिडी का लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए प्रोत्साहन की सुविधा अब मार्च 2028 तक जारी रहने की बात कही गई है।
मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज के एक अधिकारी के मुताबिक, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए मौजूदा योजना की अवधि जुलाई 2026 में खत्म होने वाली थी। इसे जारी रखने के लिए मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से अतिरिक्त बजट की मांग की थी। इसके बाद 1,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि (EV Subsidy Increase) को मंजूरी दी गई। सरकार का मकसद इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक की खरीद को बढ़ावा देना है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाएं।
भारत में कुल दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी फिलहाल करीब 7.6% बताई जा रही है। सरकार इसे बढ़ाकर 9 से 10% या उससे ज्यादा करना चाहती है। देश में बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के काम और छोटी दूरी की यात्रा के लिए दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक को बढ़ावा मिलने से लोगों को ईंधन खर्च कम करने में काफी मदद मिल सकती है।
बता दें कि PM E-DRIVE योजना सितंबर 2024 में शुरू की गई थी और इसे 1 अक्टूबर 2024 से लागू किया गया। सरकार ने इसके लिए कुल 10,900 करोड़ रुपये का बजट (EV Subsidy Increase) तय किया था। शुरुआत में योजना को मार्च 2026 तक चलाने का लक्ष्य था, लेकिन बाद में इसकी अवधि बढ़ाई गई। इस योजना के तहत पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर अधिकतम 5,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जाती है। अब अतिरिक्त बजट और लंबी अवधि से EV खरीदारों को आगे भी फायदा मिल सकता है।