पटना, 31 जुलाई (भाषा) बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने शुक्रवार को कहा कि समायोजन एवं युक्तिकरण नीति के तहत अधिशेष शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए बुधवार को पोर्टल खुलने के बाद से अब तक दो दिन में 14,796 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया है।
नव अधिसूचित ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026’ के तहत प्रारंभिक पंजीकरण और विद्यालयों की प्राथमिकता दर्ज करने के लिए ‘ई-शिक्षाकोष’ पोर्टल बुधवार को खोला गया था।
तिवारी ने पटना में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘सिर्फ दो दिन में 14,796 अधिशेष शिक्षकों ने स्वेच्छा से स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा 7,795 अधिशेष शिक्षकों ने पोर्टल पर आवेदन पत्र भरकर सुरक्षित किया है, लेकिन अभी उसे अंतिम रूप से जमा नहीं किया है। इस प्रकार कुल 22,591 शिक्षकों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, 2,142 शिक्षकों ने पारस्परिक (आपसी सहमति से) स्थानांतरण के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया है।’’
उन्होंने कहा कि समायोजन एवं युक्तिकरण के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि पांच अगस्त है और यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्येक आवेदक को 30 विद्यालयों का विकल्प चुनने की सुविधा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि महिला शिक्षकों की तैनाती उनके पंजीकृत गृह पते के पास पंचायतों में की जाएगी, जबकि पुरुष शिक्षकों की तैनाती उनके प्रखंड से बाहर, लेकिन उससे सटे प्रखंडों में की जाएगी।
तिवारी ने कहा कि राज्य में कक्षा एक से पांच तक के 65,413, कक्षा छह से आठ तक के 9,471, कक्षा नौ से 10 तक के 17,904 तथा कक्षा 11 से 12 तक के 14,500 शिक्षक स्वीकृत पदों की तुलना में अधिशेष हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद अररिया, जमुई और पूर्णिया जैसे कम से कम तीन जिलों में प्राथमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों की कमी है। अधिशेष शिक्षकों की तैनाती उन विद्यालयों में की जाएगी, जहां शिक्षकों की कमी है। शेष शिक्षकों को आंगनवाड़ी केंद्रों, अनुसूचित जाति छात्रावासों तथा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों के लिए संचालित कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों में पदस्थापित किया जाएगा।’’
शिक्षा मंत्री ने कहा कि नयी स्थानांतरण नीति के तहत शिक्षकों का स्थानांतरण प्रत्येक पांच वर्ष पर किया जाएगा।
भाषा कैलाश आशीष
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