पटना, 29 जनवरी (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को ‘समृद्धि यात्रा’ के क्रम में समस्तीपुर जिले में 827 करोड़ रुपए की 188 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, कुमार ने जिले के लिए 470 करोड़ रुपए की 71 परियोजनाओं का शिलान्यास, 273 करोड़ रुपए की 74 परियोजनाओं का उद्घाटन और 84 करोड़ रुपए की 43 परियोजनाओं का कार्य आरंभ किया।
‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री ने सरायरंजन स्थित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में स्थापित भाषा प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों ने बताया कि यहां विद्यार्थियों को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाता है। मौके पर मौजूद एक छात्रा ने मुख्यमंत्री का फ्रेंच और अंग्रेजी भाषा में स्वागत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री कुमार ने महाविद्यालय परिसर में लगे स्थानीय स्टार्टअप, इनोवेशन स्टॉल तथा विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कुमार ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ‘जीविका दीदियों’ द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया और उनकी सराहना की। इस मौके पर ‘जीविका दीदियों’ ने बताया कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिली 10 हजार रुपए की सहायता से उन्होंने अपना कार्य शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 23,472 ‘जीविका दीदियों’ को 437 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक भी प्रदान किया।
मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद राज्य ने विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से विकास की गति और तेज हुई है, जिसका असर गांव से लेकर शहर तक स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बीते वर्षों में राज्य में बड़े पैमाने पर नए स्कूल खोले गए और 2.58 लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई, जिससे सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार आया है। साथ ही राज्य में चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या भी बढ़ाई गई है।
रोजगार के मुद्दे पर नीतीश कुमार ने कहा कि अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है और सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर एक करोड़ तक ले जाने का है।
भाषा कैलाश शफीक
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