प्रश्न पत्र लीक और फीस बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन अब राष्ट्रव्यापी अभियान बना: दीपांकर

प्रश्न पत्र लीक और फीस बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन अब राष्ट्रव्यापी अभियान बना: दीपांकर

प्रश्न पत्र लीक और फीस बढ़ोतरी के खिलाफ आंदोलन अब राष्ट्रव्यापी अभियान बना: दीपांकर
Modified Date: August 2, 2026 / 07:16 pm IST
Published Date: August 2, 2026 7:16 pm IST

पटना, दो अगस्त (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा)-मार्क्सवादी लेनिनवादी (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने रविवार को कहा कि शिक्षा में भ्रष्टाचार, प्रश्न पत्र लीक और फीस बढ़ोतरी के खिलाफ जारी आंदोलन अब केवल ‘जेन-जेड’ तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसमें अब स्कूली छात्र भी शामिल होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

भट्टाचार्य ने यहां आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा में भ्रष्टाचार, फीस बढ़ोतरी, विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर हमलों और छात्र आंदोलनों के कथित दमन के खिलाफ जारी अभियान अब देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी शामिल है।

उन्होंने कहा, “विद्यार्थियों का यह आंदोलन अब सिर्फ जेन-जेड तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें ‘जेनरेशन अल्फा’ भी शामिल हो गई है। अब स्कूली छात्र भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।”

‘जेन-जेड’ उस पीढ़ी को कहा जाता है, जिसका जन्म वर्ष 1997 से 2012 के बीच हुआ है। वहीं, ‘जेनरेशन अल्फा’ में 2010 से 2024 के बीच जन्मे बच्चों को शामिल किया जाता है हालांकि इसकी समय-सीमा को लेकर अलग-अलग मत भी हैं। भट्टाचार्य ने दिल्ली में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री के बाद अब गृह मंत्री की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों से जुड़े मामलों को वापस लेने की घोषणा के बावजूद सभी मुकदमे वापस नहीं लिए जा रहे हैं।

भट्टाचार्य ने कहा कि यह लोकतांत्रिक और मानवाधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार विद्यार्थियों के विरोध-प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है।

भाकपा माले के महासचिव ने कहा कि देशव्यापी छात्र आंदोलन को कुचलने की हर कोशिश नाकाम होगी।

भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हाल में जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने (मोदी ने) छात्रों को ‘माफ करने’ की बात कही थी लेकिन यह माफी की आड़ में छात्राओं के खिलाफ रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक सोच को बढ़ावा देने की कोशिश दिखाई देती है।

भाषा जितेंद्र प्रशांत

प्रशांत


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