पटना, 18 जुलाई (भाषा) मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को छात्रों से नौकरी खोजने के बजाय नौकरी देने वाले बनने का आग्रह किया और कहा कि बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां सभी 38 जिलों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये की मामूली फीस पर तकनीकी शिक्षा दी जाती है।
यहां बिहार अभियांत्रिकी विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि राज्य जल्द ही मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर और सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय और भागलपुर में कृत्रिम मेधा और कंप्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा, “दीक्षांत समारोह सिर्फ डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बिहार के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का एक मौका भी है। बिहार बहुत कम खर्च पर तकनीकी शिक्षा देने के मामले में अनोखा है; यहां सभी 38 जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेजों में सिर्फ 10 रुपये और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पांच रुपये फीस ली जाती है। ऐसी व्यवस्था शायद दुनिया में कहीं और नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने इंजीनियरिंग के छात्रों से कहा, “नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें।”
चौधरी ने कहा कि एक इंजीनियर की असली पहचान डिग्री से नहीं, बल्कि इनोवेशन, तकनीकी विशेषज्ञता और समाज में उनके योगदान से होती है।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था ज्ञान, डेटा, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष से चलती है, और जिन राज्यों की शिक्षा प्रणाली मजबूत होगी, वे आर्थिक रूप से आगे रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने 2024-25 शैक्षणिक सत्र के बीटेक और एमटेक के बेहतरीन छात्रों को स्वर्ण पदक, मेधा प्रमाणपत्र और चेक प्रदान किए।
भाषा प्रशांत माधव
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