पटना, 13 फरवरी (भाषा) बिहार के सारण जिले में पुलिस ने छह ऑर्केस्ट्रा समूहों के खिलाफ पांच घंटे तक चले अभियान में 15 लड़कियों को छुड़ाया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, यह छापेमारी बृहस्पतिवार देर रात से शुक्रवार तड़के तक पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाई और गैर-सरकारी संगठनों के समन्वय से की गई। अधिकारियों ने बताया कि काजल ऑर्केस्ट्रा, सुर संगम ऑर्केस्ट्रा, कोपा चट्टी ऑर्केस्ट्रा, खुशी ऑर्केस्ट्रा, श्याम ऑर्केस्ट्रा और दिया ऑर्केस्ट्रा से लड़कियों को छुड़ाया गया।
उन्होंने बताया कि ये सभी समूह जिले में 10 किलोमीटर के दायरे में संचालित हो रहे थे।
एक बयान के अनुसार, “ज्यादातर लड़कियों को पंजाब, ओडिशा, असम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से तस्करी कर कथित तौर पर लाया गया था और उनके शरीर पर चोट के निशान थे।”
पुलिस ने बताया कि 12 लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा परिसरों से छुड़ाया गया जबकि खुशी ऑर्केस्ट्रा के संचालक ने तीन लड़कियों को कार में बैठाकर भागने की कोशिश की लेकिन आठ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(1),145, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की धारा 79 और बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम की धारा 16 के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के मुताबिक, लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा समूहों में अश्लील गानों पर नाचने के लिए मजबूर किया जाता था और उन्हें पूरा भुगतान नहीं दिया जाता था तथा उनके साथ हिंसा व दुर्व्यवहार भी किया जाता था।
‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।
उन्होंने कहा, “ऑर्केस्ट्रा समूह बड़े मानव तस्करी नेटवर्क की एक अहम कड़ी हैं। ये गिरोह दूसरे राज्यों की कमजोर लड़कियों को फुसलाकर लाते हैं और उनका शोषण करते हैं। जरूरी है कि इस मामले की स्थानीय पुलिस संगठित अपराध के रूप में जांच करे और उसी अनुसार अभियोजन चलाए।”
शर्मा ने लड़कियों के तत्काल पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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