पटना, सात मई (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद 32 नये मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। मुख्यमंत्री ने गृह, सामान्य प्रशासन, निगरानी और निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं, जिन्हें राज्य की शासन व्यवस्था की धुरी माना जाता है।
मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की रही, जिन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से पहली बार मंत्री बने मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग दिया गया है।
विभागों के बंटवारे के अनुसार, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग सौंपा गया है, जबकि उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त तथा वाणिज्य-कर विभाग मिला है। पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
सूची के अनुसार, श्रवण कुमार को फिर से ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग दिया गया है। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सौंपा गया है। लेशी सिंह को भवन निर्माण और राम कृपाल यादव को सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी मिली है। नीतीश मिश्रा को नगर विकास एवं आवास विभाग के साथ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का भी प्रभार दिया गया है।
श्रेयसी सिंह को उद्योग और खेल विभाग सौंपा गया है, जबकि श्वेता गुप्ता को समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। संजय सिंह टाइगर को उच्च शिक्षा एवं विधि विभाग मिला है। अरुण शंकर प्रसाद को श्रम संसाधन तथा युवा एवं कौशल विकास विभाग का प्रभार सौंपा गया है।
ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को दी गई है। पर्यटन विभाग केदार प्रसाद गुप्ता के पास रहेगा। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग डॉ. रामचंद्र प्रसाद को सौंपा गया है।
ग्रामीण कार्य विभाग सुनील कुमार को मिला है, जबकि पथ निर्माण विभाग कुमार शैलेन्द्र के पास रहेगा। पंचायती राज विभाग दीपक प्रकाश को सौंपा गया है।
परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दामोदर रावत को और योजना एवं विकास विभाग भगवान सिंह कुशवाह को दी गई है।
वहीं, संतोष कुमार सुमन को लघु जल संसाधन विभाग दिया गया है। संजय सिंह को लोक स्वास्थ्य एवं अभियंत्रण विभाग और संजय पासवान को गन्ना उद्योग विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
भाषा कैलाश आशीष
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