बिहार: मंत्रिपरिषद में सामाजिक समीकरण का रखा गया ख्याल, अत्यंत पिछड़ा वर्ग से सर्वाधिक नौ मंत्री

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बिहार: मंत्रिपरिषद में सामाजिक समीकरण का रखा गया ख्याल, अत्यंत पिछड़ा वर्ग से सर्वाधिक नौ मंत्री

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  • Publish Date - May 7, 2026 / 01:59 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 01:59 PM IST

पटना, सात मई (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में बृहस्पतिवार को किया गया।

मंत्रिमंडल विस्तार में राज्य के सामाजिक और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया।

शपथ लेने वाले मंत्रियों में से सात मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से जबकि सर्वाधिक नौ मंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) से शामिल किए गए हैं।

इसके अलावा दो ब्राह्मण, दो भूमिहार और तीन राजपूत समुदाय से मंत्री बनाए गए हैं।

वहीं सात मंत्री दलित समाज से हैं।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) कोटे से एक राजपूत और एक दलित नेता को मंत्री बनाया गया है।

उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) से एक ओबीसी नेता को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) से एक दलित नेता को मंत्री बनाया गया है।

मंत्रिमंडल में जदयू कोटे से एकमात्र मुस्लिम मंत्री को भी शामिल किया गया है। नये मंत्रिमंडल की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि इसमें तीन ऐसे चेहरे शामिल हैं, जिनके पिता बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

संतोष कुमार सुमन के पिता जीतन राम मांझी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं।

वहीं नीतीश मिश्रा के पिता जगन्नाथ मिश्रा तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

इस सूची में निशांत कुमार का नाम भी शामिल है, जिनके पिता नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति का प्रमुख केंद्र रहे हैं।

भाषा कैलाश मनीषा जितेंद्र

जितेंद्र