बिहार: बंटी यादव अपहरण एवं हत्या मामले में लापरवाही के लिए चार पुलिसकर्मी निलंबित

बिहार: बंटी यादव अपहरण एवं हत्या मामले में लापरवाही के लिए चार पुलिसकर्मी निलंबित

बिहार: बंटी यादव अपहरण एवं हत्या मामले में लापरवाही के लिए चार पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: July 14, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: July 14, 2026 3:49 pm IST

पटना, 14 जुलाई (भाषा) बिहार की राजधानी पटना में 25 वर्षीय बंटी यादव के कथित अपहरण और हत्या के मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए तीन सहायक उपनिरीक्षकों (एएसआई) और होमगार्ड के एक सुरक्षाकर्मी समेत चार पुलिसकर्मियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

बंटी यादव का गत छह जुलाई को कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था और उसका क्षत-विक्षत शव शनिवार को पटना जिले के अथमलगोला इलाके से बरामद हुआ था।

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के. शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पटना (मध्य) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

पुलिस ने हालांकि निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के बारे में अधिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया।

इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने मंगलवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात कर मामले में पुलिस की भूमिका की आलोचना की।

उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता दुखद है। क्षेत्राधिकार के विवाद के कारण समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई जबकि पुलिस को कम-से-कम ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कर उसे संबंधित थाने को स्थानांतरित करना चाहिए था।’’ यादव ने हालांकि मामले को गंभीरता से लेने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सराहना भी की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस घटना को गंभीरता से लिया। मामले में शामिल कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार की अपराध के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।’’ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को आरोप लगाया था कि बंटी यादव की हत्या ‘‘सत्ता और पुलिस के संरक्षण में चल रहे देह व्यापार गिरोह का विरोध करने’’ के कारण की गई।

तेजस्वी यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘स्थानीय लोगों का कहना है कि देह व्यापार का धंधा चलाने वाले खुलेआम दावा करते हैं कि इस अनैतिक और गंदे पैसे का एक हिस्सा मुख्यमंत्री आवास तक जाता है। निर्दोष लोगों का फर्जी मुठभेड़ कराने वाले डींगें हांकने वाले मुख्यमंत्री शराब माफिया और देह व्यापार चलाने वालों से क्यों डरते हैं? सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों की इन लोगों से ऐसी क्या मिलीभगत है कि उन्हें बचाने में पूरी ताकत झोंकी जा रही है?’’

निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी मंगलवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात की और परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।

उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, ‘‘पुलिस को लिखित निर्देश दे दिए जाने चाहिए कि बिहार में केवल भू-माफिया, बालू माफिया, देह व्यापार माफिया, शराब माफिया और मादक पदार्थ माफिया ही चलेंगे। स्थानीय थाना आम आदमी की रक्षा नहीं करेगा। न आरोपपत्र दाखिल होगा और न ही त्वरित सुनवाई होगी।’’

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बंटी यादव की हत्या देह व्यापार का धंधा चलाने वालों ने की है।

उन्होंने मामले की त्वरित सुनवाई कर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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