पटना।Scholarship Doubled: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 31 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे अहम फैसला अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों से जुड़ा रहा, जिसमें सरकार ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि दोगुनी करने का निर्णय लिया है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा यह संशोधन वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू किया जाएगा।
Scholarship Doubled: इसके तहत कक्षा 1 से 10 तक के SC-ST विद्यार्थियों को दी जाने वाली वार्षिक छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है। संशोधित दरों के अनुसार अब कक्षा 1 से 4 तक के विद्यार्थियों को ₹1200 वार्षिक, कक्षा 5 से 6 तक ₹2400 वार्षिक, कक्षा 7 से 10 तक ₹3600 वार्षिक, वहीं कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी विद्यार्थियों को ₹6000 वार्षिक छात्रवृत्ति दी जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2011 से लागू छात्रवृत्ति दरें वर्तमान महंगाई और जरूरतों के अनुरूप नहीं रह गई थीं, इसलिए दरों में संशोधन किया गया है। इस योजना पर ₹519.64 करोड़ के वार्षिक व्यय को स्वीकृति दी गई है। इससे राज्य के करीब 27 लाख छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। छात्रवृत्ति का लाभ सरकारी, स्थायी मान्यता प्राप्त एवं स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत SC-ST विद्यार्थियों को मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से वंचित वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने और ड्रॉपआउट दर कम करने में मदद मिलेगी।
पिछड़ा-अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान भी दोगुना
Scholarship Doubled: कैबिनेट बैठक में पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत दी गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 से “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना” के तहत मिलने वाली राशि को ₹1000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹2000 प्रति माह प्रति छात्र कर दिया गया है। इस फैसले से विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों में रहने वाले लगभग 8150 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। अनुदान दर में वृद्धि से कुल अनुमानित वार्षिक व्यय ₹19.56 करोड़ होगा। यह बढ़ी हुई राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।