बिहार में सरकारी कर्मियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त मानक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

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बिहार में सरकारी कर्मियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर सख्त मानक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 08:49 PM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 08:49 PM IST

पटना, 29 जनवरी (भाषा) बिहार में राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सभी स्तर के कर्मियों को सोशल मीडिया के उपयोग में अब निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन करना होगा। इसके लिए बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली, 2026 तैयार की गई है, जिसे राज्य मंत्रिमंडल की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में मंजूरी दे दी गई।

यह नियमावली राज्यभर में तत्काल प्रभाव से लागू होगी।

राज्य कर्मियों को फेसबुक, व्हाट्सऐप, लिंक्डइन और एक्स समेत सभी सोशल मीडिया मंचों पर सावधानी बरतना अनिवार्य होगा।

कैबिनेट के निर्णय के बाद सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र ने बताया कि इस नियमावली के तहत सरकारी कर्मियों के लिए सोशल मीडिया आचरण से जुड़े करीब डेढ़ दर्जन नियम तय किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी और दंड का भी प्रावधान है।

राजेंद्र ने स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मी के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन निर्धारित सीमाओं के भीतर रहकर ही इसका उपयोग करना होगा। नियमों का उल्लंघन आचरण के अनुरूप नहीं माना जाएगा।

उन्होंने बताया कि नियमावली में सोशल मीडिया उपयोग पर सरकारी कर्मियों के आचरण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके अनुसार, कर्मी स्वयं या छद्म नाम से बनाए गए किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकारी प्रतीक, सरकारी फोन नंबर, पदनाम या अन्य आधिकारिक पहचान का उपयोग नहीं करेंगे। साथ ही पद की गरिमा को प्रभावित करने वाले किसी भी आचरण से परहेज करना होगा।

अधिकारी ने कहा कि अश्लील, भड़काऊ या संवेदनशील सामग्री पोस्ट करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी प्रकार के भाषण, वीडियो, ऑडियो या अन्य सामग्री, जो संवेदनशील हो, उसे साझा नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक, सरकारी या अन्य विषय पर व्यक्तिगत दृष्टिकोण या टिप्पणी करने से कर्मियों को बचना होगा। सरकार की उपलब्धियों को व्यक्तिगत उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।

नियमावली के तहत उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय के निर्णयों अथवा आदेशों पर टिप्पणी करने की मनाही होगी। किसी मीडिया संस्थान या सरकारी संस्था की आलोचना या टिप्पणी भी सोशल मीडिया पर नहीं की जा सकेगी।

नियमावली के तहत, किसी सरकारी कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, किसी मामले की सुनवाई या पीड़ित का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा नहीं किया जाएगा। सरकारी बातचीत या वेबिनार से संबंधित जानकारी भी सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं की जाएगी।

इसके अलावा, यौन शोषण की शिकार किसी पीड़िता की पहचान उजागर करने पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। जाति, धर्म या किसी समुदाय के विरुद्ध टिप्पणी करने से भी कर्मियों को बचना होगा।

भाषा कैलाश शफीक

शफीक