Govt Employees Latest News: 15 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब इस काम के लिए नहीं लगेगा पैसा, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

Govt Employees Latest News: 15 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब इस काम के लिए नहीं लगेगा पैसा, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

Govt Employees Latest News: 15 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब इस काम के लिए नहीं लगेगा पैसा, कैबिनेट बैठक में लगी मुहर

Govt Employees Latest News | Photo Credit: IBC24

Modified Date: January 29, 2026 / 04:27 pm IST
Published Date: January 29, 2026 4:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • सरकारी और निजी अस्पतालों में अब कर्मचारियों को पैसे नहीं देने होंगे
  • माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी और उनके आश्रित शामिल
  • इस योजना से लगभग 15 लाख कर्मचारी होंगे लाभान्वित

लखनऊ: Govt Employees Latest News  कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने अपने 15 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार के इस फैसले के बाद सभी कर्मचारियों को अब इलाज के लिए पैसे नहीं देने होंगे।

अस्पतालों में होगा कैशलेस इलाज

Govt Employees Free Treatment दरअसल, आज सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक (Yogi Cabinet Ke Faisle) बुलाई गई थी। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। साथ ही इस बैठक में योगी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने 15 कर्मचारियों के लिए मुफ्त इलाज का बड़ा ऐलान किया है। कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि अब प्रदेश के माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मी और उनके आश्रित परिवार सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे।

15 लाख कर्मचारियों को मिलेगी राहत

आपको बता दें कि योगी सरकार ने शिक्षक दिवस पर इसकी घोषणा की थी। जिसके बाद आज कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई है। सरकार के इस फैसले के बाद बेसिक शिक्षा के कुल 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षकों और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 2 लाख 97 हजार 589 को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिल सकेगा। सीएम फैलो को राज्य लोकसेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट और अनुभव के आधार पर भारांक मिलेंगे।

फैसले के तहत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों (व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों एवं मानदेय शिक्षकों सहित), संस्कृत शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों (मानदेय शिक्षकों सहित), माध्यमिक शिक्षा परिषद व संस्कृत शिक्षा परिषद के मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में मानदेय पर कार्यरत व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों को आईपीडी (अंत:रोगी विभाग) इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी। इस सुविधा का लाभ उनके आश्रित भी उठा सकेंगे। प्रेसवार्ता में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने बताया कि सरकार की इस पहल का लाभ 2.97 लाख से अधिक लोगों को मिल सकेगा, जबकि इस पर 89.25 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है।

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