Petrol Diesel Price: फिर बढ़ेंगे पट्रोल-डीजल के दाम! कच्चे तेल की कीमतों में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी, ट्रंप के फैसले से वैश्विक बाजार में मंडराया खतरा

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Petrol Diesel Price: फिर बढ़ेंगे पट्रोल-डीजल के दाम! कच्चे तेल की कीमतों में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी, ट्रंप के फैसले से वैश्विक बाजार में मंडराया खतरा

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  • Publish Date - January 29, 2026 / 10:21 PM IST,
    Updated On - January 29, 2026 / 10:24 PM IST

(Petrol Diesel Price/ Image Credit: IBC24 News File)

HIGHLIGHTS
  • ब्रेंट क्रूड 70.06 डॉलर प्रति बैरल
  • WTI 2.6% बढ़कर 64.82 डॉलर प्रति बैरल पर
  • तेल सप्लाई पर मंडराया खतरा

नई दिल्ली: Petrol Diesel Price अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे वैश्विक तेल बाजार पर दिखने लगा है। दोनों देश के तीखी बयानबाजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अब इसका असर तेल की कीमतों पर पड़ा है। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो सितंबर के बाद पहली बार है। बाजार को डर है कि अगर हालात और बिगड़े तो तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।

70 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड

Petrol Diesel Price लंदन में गुरुवार को कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड 2.4 फीसदी की बढ़त के साथ 70.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह सितंबर के बाद पहली बार है जब ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर के स्तर को पार कर गया है। वहीं अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में भी तेज उछाल देखने को मिला और यह 2.6 फीसदी बढ़कर 64.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। जून 2025 में तेल की कीमत 74 डॉलर तक पहुंची थी।

ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

इस तेजी की बड़ी वजह अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump का सख्त बयान है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर तुरंत बातचीत की मेज पर आना चाहिए।

ट्रंप ने साफ शब्दों में लिखा कि वह किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान ने बातचीत नहीं की तो अगला हमला पहले से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकता है। ट्रंप का यह बयान जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए अमेरिकी हमलों के संदर्भ में आया है।

तेल सप्लाई पर मंडराता खतरा

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ता है तो इसका सीधा असर तेल की सप्लाई पर पड़ेगा। ईरान रोजाना करीब 30 लाख बैरल तेल का उत्पादन करता है। किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में यह उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही भी बाधित हो सकती है। यह रास्ता दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।

इन्हें भी पढ़े:-

ब्रेंट क्रूड की कीमत कितनी है?

ब्रेंट क्रूड 70.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

WTI (वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट) की कीमत कितनी है?

WTI 2.6% बढ़कर 64.82 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

तेल की कीमतों में तेजी का कारण क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और राष्ट्रपति ट्रंप के सख्त बयान से बाजार में चिंता बढ़ी है।