Home » Health » Sleep Paralysis: When the Mind Wakes Up but the Body Remains Frozen
Sleep Paralysis : रात 3 बजे अचानक सीने पर आकर बैठ जाता है भारी साया! कमरे में अचानक दिखने लगती है परछाई? जानिए स्लीप पैरालिसिस का अनसुना राज!
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स्लीप पैरालिसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें इंसान नींद से जागने के बाद भी कुछ पलों तक हिल-डुल या बोल नहीं पाता। इस दौरान व्यक्ति को सीने पर दबाव, कमरे में किसी साये की मौजूदगी या डरावने अनुभव हो सकते हैं। विज्ञान के अनुसार यह दिमाग और शरीर के तालमेल में आई अस्थायी गड़बड़ी है।
नई दिल्ली : क्या आपकी भी नींद रात में अचानक खुल जाती है। आपकी आँखें खुली होती है और आप अपने कमरे को साफ देख सकते हैं लेकिन जैसे ही आप उठने या ए चिल्लाने की कोशिश करते हैं तो आवाज़ नहीं निकलती है ? पको एहसास होता है कि आपका शरीर पूरी तरह पत्थर बन चुका होता है और आपको महसूस होता है कि कोई आपके सीने पर बैठा है या कमरे के किसी कोने में कोई साया खड़ा आपको देख रहा है। इसे ही विज्ञान की भाषा में ‘स्लीप पैरालिसिस’ कहते हैं।
स्लीप पैरालिसिस वह स्थिति है जब सोकर उठते समय या सोते समय आप कुछ पलों के लिए हिलने-डुलने या बोलने में असमर्थ हो जाते हैं। यह तब होता है जब आपका दिमाग तो जाग जाता है, लेकिन शरीर अभी भी REM (Rapid Eye Movement) मतलब सपनों वाली नींद में होते है।
स्लीप पैरालिसिस में आप अक्सर ये तीन चीजें महसूस करते हैं ऐसा लगता है जैसे कोई बहुत भारी चीज आपके ऊपर बैठी है और आपका दम घुट रहा है , आपको कमरे में किसी अजनबी भूत या शैतान के होने का अहसास होता है , कुछ लोगों को महसूस होता है कि वे अपने बिस्तर से ऊपर तैर रहे हैं या कहीं गिर रहे हैं।
स्लीप पैरालिसिस के दौरान बहुत से लोगों को कमरे में किसी अनजान व्यक्ति के होने का अहसास होता है या सीने पर भारी दबाव महसूस होता है। विज्ञान का कहना है क्यूंकि आपका दिमाग अभी भी ‘सपनों की अवस्था’ में है, इसलिए वह खुली आँखों से में Hallucinationsपैदा करता है। वह डर जो आप महसूस करते हैं, आपका दिमाग उसे एक ‘साये’ या ‘आकृति’ के रूप में दिखाने लगता है।
स्लीप पैरालिसिस के मुख्य कारण नींद की कमी , पीठ के बल सोना, तनाव और चिंता होती है लेकिन इसमें घबराने वाली बात नहीं है अगर आप स्लीप पैरालिसिस में फंस जाएं, तो क्या करें? अपने हाथ की एक उंगली या पैर का अंगूठा हिलाने की कोशिश करें , शांत रहने से यह जल्दी खत्म हो जाता है, अपनी आँखों को तेजी से इधर-उधर घुमाएं, इससे दिमाग को संदेश मिलता है कि आप जाग चुके हैं।
दुनिया भर में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। कोई इसे ‘दबक’ कहता है, तो कोई ‘भूत का साया’। लेकिन आधुनिक विज्ञान ने यह साबित कर दिया है कि यह कोई जादुई या डरावनी शक्ति नहीं, बल्कि दिमाग और शरीर के बीच तालमेल की एक छोटी सी कमी है।