पटना, 31 जनवरी (भाषा) बिहार की नीतीश कुमार नीत सरकार ने यहां नीट परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की हाल ही में हुई मौत की शनिवार को सीबीआई जांच कराने की सिफारिश की ।
संदिग्ध यौन हमले के बाद छात्रावास में बेहोश पाए जाने के कुछ दिनों बाद अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई थी।
गृह विभाग के प्रभारी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज सुबह ‘एक्स’ पर इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश किये जाने की घोषणा की। उसके बाद गृह विभाग ने अधिसूचना जारी की।
हालांकि, छात्रा के पिता ने इस कदम पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि वह ‘उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के किसी मौजूदा न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच’’ चाहते हैं।
जहानाबाद में छात्रा के पिता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘सीबीआई जांच से क्या हासिल होगा? यह पुलिस द्वारा गठित एसआईटी की लचर जांच से अलग नहीं होगी। हमने कभी सीबीआई जांच की मांग नहीं की थी। शायद सरकार इस मामले को दबाने और फिर बिहार में ‘सुशासन’ घोषित करने पर तुली हुई है।’’
संयोगवश, शुक्रवार को उन्होंने अपनी पत्नी के साथ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात की थी। बाद में दंपति ने इस बात पर नाराजगी जताई कि राज्य पुलिस प्रमुख विनय कुमार इस मामले को आत्महत्या का मामला मानकर चल रहे हैं और यौन हमले के पहलू की जांच करने से इनकार कर रहे हैं, जबकि छात्रा के अंतर्वस्त्र में फॉरेंसिक विशेषज्ञों को वीर्य के अंश मिले थे।
फिलहाल बिहार पुलिस का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है।
जहानाबाद की यह छात्रा इस महीने के शुरुआत में यहां चित्रगुप्त नगर में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बेहोश मिली थी और कई दिन तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
उसके परिवार ने उसका यौन उत्पीड़न होने और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।
छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका को खारिज नहीं किया गया। यह निष्कर्ष पुलिस के इस शुरुआती दावे से अलग है कि मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज में यौन हमले की बात सामने नहीं आई। इस मामले में छात्रा के हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।
इस बीच, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय ‘‘बड़ी-बड़ी बातें करने वाली राजग सरकार’’ की विफलता को दर्शाता है, जो धरती और आसमान के किसी भी कोने से अपराधियों को पकड़कर लाने का ‘‘दिन-रात दावा’’ करती है।
यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले को उजागर करने के बजाय, बिहार सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उसका प्रशासनिक तंत्र भ्रष्ट, अक्षम, अकुशल और गैर-पेशेवर है, जो बलात्कार और हत्या के मामले को सुलझाने में भी असमर्थ है।’’
उन्होंने कहा कि नवरुणा कांड जैसे कई मामलों में, सीबीआई ने ‘‘12-13 साल तक आरोपी को गिरफ्तार करने में विफल रहने’’ के बाद ‘‘जांच बंद कर दी।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘इस मामले में भी ऐसा ही होने की आशंका है।’’
राजग नेताओं पर निशाना साधते हुए यादव ने सवाल किया, ‘‘चुनाव के दौरान ‘जंगल राज, जंगल राज’ के नारे लगाने वाले कहां हैं? बिहार की ध्वस्त और भ्रष्ट कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सरकार एक बार फिर सुर्खियां बटोरकर ध्यान भटकाने की कोशिश करेगी?’’
भाषा राजकुमार दिलीप
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