पटना, 25 जनवरी (भाषा) जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में उसके परिवार को हर संभव कानूनी सहायता प्रदान करेगी।
जहानाबाद जिले की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित एक छात्रावास के कमरे में बेहोश पाई गई थी। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए वहां रह रही थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को शहर के एक अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई।
किशोर ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘हमारी पार्टी ने नीट अभ्यर्थी के परिवार को कानूनी सहायता प्रदान करने का फैसला किया है। हमारे वरिष्ठ पार्टी नेता और वकील वाई.वी. गिरि मृतक के परिवार की ओर से मुकदमा लड़ेंगे।’
परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि लड़की का यौन उत्पीड़न हुआ था और अधिकारियों ने मामले को दबाने की कोशिश की। एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की तफ्तीश कर रहा है।
इस मामले में दो पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का जिक्र करते हुए किशोर ने कहा, ‘हमने उस महिला जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी, जिसने शुरू में नीट अभ्यर्थी की मौत की जांच की थी। परिवार का मानना था कि मामले की जांच कर रही आईओ लापरवाही के लिए जिम्मेदार थी, इसलिए वे उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई चाहते थे। अंततः, पटना पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।’
पटना पुलिस ने शनिवार को कदमकुआं थाने के अतिरिक्त प्रभारी अधिकारी हेमंत झा और चित्रगुप्त नगर थाना प्रभारी रोशनी कुमारी को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया, ‘‘छात्रा के उन कपड़ों की फॉरेंसिक रिपोर्ट में वीर्य के अंश पाए गए हैं, जो उसने अस्पताल में भर्ती होने के समय पहने थे। ये कपड़े छात्रा के परिवार वालों ने 10 जनवरी को उपलब्ध कराए थे और पुलिस ने इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा था। अब मामले की जांच कर रही एसआईटी वैज्ञानिक रिपोर्ट में पाए गए वीर्य से ‘डीएनए प्रोफाइल’ प्राप्त करेगी। इसका मिलान गिरफ्तार आरोपियों और संदिग्धों के डीएनए प्रोफाइल से किया जाएगा।’’
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