नई दिल्लीः गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्र को संबोधित की। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि 26 जनवरी, 1950 से हम अपने गणतंत्र को संवैधानिक आदर्शों की ओर अग्रसर कर रहे हैं। उस दिन हमारा संविधान पूर्णतः लागू हुआ। लोकतंत्र की जन्मभूमि भारत, दास प्रथा से मुक्त हुआ और हमारा लोकतांत्रिक गणतंत्र अस्तित्व में आया। हमारा संविधान विश्व इतिहास के सबसे बड़े गणतंत्र का आधारभूत दस्तावेज है। हमारे संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्श हमारे गणतंत्र को परिभाषित करते हैं। संविधान निर्माताओं ने संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से राष्ट्रवाद की भावना और देश की एकता के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया।
मुर्मू ने कहा कि गणतंत्र दिवस के साथ साथ वंदेमातरम् के 150 साल पूरे होने का पर्व भी मनाया जा रहा है। साल 2021 से नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाता है। गणतंत्र दिवस का पावन पर्व हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य में देश की दशा और दिशा का अवलोकन करने का अवसर होता है। हमारे देश की दशा बदली। भारत स्वाधीन हुआ। हम अपनी राष्ट्रीय नियति के निर्माता बने। उन्होंने कहा कि 57 करोड़ जन-धन अकाउंट में 56 फीसदी महिलाओं के अकाउंट हैं। 10 करोड़ से ज्यादा सेल्फ हेल्प ग्रुप हैं। खेल-कूद में हमारी बेटियों ने कीर्तिमान स्थापित किए हैं। महिला क्रिकेट टीम ने ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप, ब्लाइंड वर्ल्ड कप जीता है।
मुर्मू ने कहा कि नारी शक्ति अधिनियम से देश की महिलाएं और सशक्त होंगी। वंचित वर्ग की योजनाओं को लगातार बढ़ाया जा रहा है। महिलाओं का सक्रिय और समर्थ होना देश के विकास के लिए जरूरी है। उनके स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे राष्ट्रीय प्रयासों से अनेक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। भारत विश्व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थ-व्यवस्था है। विश्व-पटल पर अनिश्चितता के बावजूद भारत में निरंतर आर्थिक विकास हो रहा है। हम, निकट भविष्य में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस के जवान देश की आतंरिक रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। हमारे सेवाधर्मी डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी देशवासियों की सेवा करते हैं। हमारे इंजीनियर देश के विकास में भूमिका निभाते हैं। हमारी देश के संवेदनशील नागरिक देश को सशक्त बना रहे हैं। किसानों की दम पर कृषि प्रोडक्ट्स विदेश में भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 25 जनवरी को देश में राष्ट्र मतदाता दिवस भी मनाया जाता है। जन-प्रतिनिधियों के निर्वाचन के लिए हमारे वयस्क नागरिक उत्साहपूर्वक मतदान करते हैं। बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर मानते थे कि मताधिकार के प्रयोग से राजनैतिक शिक्षा सुनिश्चित होती है। मतदान में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश के विकास में बहुत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि 26 जनवरी को देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया जाएगा और भारत की सांस्कृतिक विविधता व सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा।