प्रधानमंत्री मोदी ने गांव को तंबाकू मुक्त बनाने के प्रयास के लिए युवक की सराहना की

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प्रधानमंत्री मोदी ने गांव को तंबाकू मुक्त बनाने के प्रयास के लिए युवक की सराहना की

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 07:39 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 07:39 PM IST

श्रीनगर, 25 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में अनंतनाग के युवक मीर जाफर की अपने गांव को नशे से मुक्त कराने के प्रयासों के लिए सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के लिए कुछ करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

जाफर ने शेखगुंड गांव स्थित अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में ‘मन की बात’ के दौरान उनके काम का जिक्र करने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से मनोबल बढ़ाने वाला है, और हमें बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगा।’’

जाफर ने कहा कि यह पहल करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि उन्होंने देखा कि युवा नशे की लत के शिकार हो रहे हैं, जबकि कई बुजुर्ग तंबाकू के सेवन के कारण कैंसर से पीड़ित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मैंने युवाओं से बात करने और उन्हें नशे की लत से दूर करने का फैसला किया। हमने बुजुर्गों को भी तंबाकू सेवन के बुरे प्रभावों के बारे में समझाया। ईश्वर की कृपा से लोगों ने हमारी बात सुनी और हम अपने गांव को तंबाकू मुक्त बनाने में सफल रहे।’’

जाफर ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन भरे शब्दों से यह साबित हो गया कि अच्छे काम को नजरअंदाज नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, ‘‘युवाओं से मेरी अपील है कि वे अपने ज्ञान और क्षमता का उपयोग देश की बेहतरी में योगदान देने के लिए करें।’’

प्रधानमंत्री ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में कहा, ‘‘जब परिवार और समाज की शक्ति एकजुट होती है, तो हम सबसे कठिन चुनौतियों पर भी काबू पा सकते हैं। मैंने अनंतनाग के शेखगुंड गांव के बारे में जाना है। वहां मादक पदार्थों, तंबाकू, सिगरेट और शराब से संबंधित समस्याएं काफी बढ़ गई थीं…।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह सब देखकर वहीं के निवासी मीर जाफर जी इतने दुखी हुए कि उन्होंने इस समस्या का समाधान करने का निश्चय किया। उन्होंने गांव के सभी लोगों को, युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को एकजुट किया। इसका प्रभाव ऐसा हुआ कि वहां की दुकानों ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री बंद कर दी। इस प्रयास से मादक पदार्थों के खतरों के बारे में जन-जागरूकता भी बढ़ी।’’

भाषा धीरज नेत्रपाल

नेत्रपाल