एसआईआर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का बिहार राजग ने किया स्वागत
एसआईआर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का बिहार राजग ने किया स्वागत
पटना, 27 मई (भाषा) बिहार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेताओं ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की वैधता को बरकरार रखने संबंधी उच्चतम न्यायालय के फैसले का स्वागत किया और विपक्षी दलों पर लोगों को गुमराह करने तथा निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को बदनाम करने का आरोप लगाया।
इस संबंध में बिहार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष संजय सरावगी और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने उच्चतम न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया दी।
सरावगी ने कहा, “हम उच्चतम न्यायालय के उस फैसले का स्वागत करते हैं जिसमें एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी रूप से सही और संवैधानिक रूप से वैध घोषित किया गया है। वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने जिस तरह रैलियां की थीं, उससे साफ था कि वे लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे थे। पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी नीत सरकार, जिसने बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दिया, एसआईआर प्रक्रिया का विरोध कर रही थी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल “फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव लड़ना चाहते थे”, लेकिन निर्वाचन आयोग सत्यापन प्रक्रिया से पीछे नहीं हटा और निष्पक्ष चुनाव कराए।
श्रवण कुमार ने कहा, “मैं अदालत के फैसले का स्वागत करता हूं। बिहार में विपक्षी दलों ने असत्य बातें और अफवाहें फैलाकर निर्वाचन आयोग को बदनाम करने का प्रयास किया। अदालत का फैसला उनके लिए कड़ा सबक है।”
एसआईआर की शुरुआत सबसे पहले बिहार में की गई थी, जहां यह प्रक्रिया पिछले वर्ष नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव से पहले संचालित की गई थी।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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