बिहार:नीतीश कुमार, नितिन नवीन समेत पांच राजग प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया,राजद भी मैदान में
बिहार:नीतीश कुमार, नितिन नवीन समेत पांच राजग प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया,राजद भी मैदान में
(तस्वीरों के साथ)
पटना, पांच मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के तीन अन्य उम्मीदवारों ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया है।
राजग को उम्मीद है कि विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मैदान में उतरने के बावजूद वह सभी पांच सीट जीत सकता है।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रमुख कुमार और भाजपा नेता नितिन नवीन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नामांकन पत्र दाखिल किया। शाह इस मौके पर दिल्ली से पटना पहुंचे थे। नितिन नवीन को जनवरी में भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था।
नितिन नवीन और नीतीश कुमार के अलावा राजग की ओर से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर (जदयू), राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और भाजपा के प्रदेश महासचिव शिवेश कुमार ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। रामनाथ ठाकुर लगातार तीसरी बार राज्यसभा पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि कुशवाहा लगातार दूसरा कार्यकाल चाहते हैं। पूर्व विधायक शिवेश कुमार पहली बार संसद पहुंचने की आस लगाए हुए हैं।
नीतीश कुमार ने इससे पहले दिन में राज्यसभा जाने की अपनी इच्छा की घोषणा की, जिसके साथ ही राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के उनके 20 वर्ष के कार्यकाल का अंत हो जाएगा।
इस बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “नीतीश कुमार ने तीन साल पहले ही राज्यसभा जाने की इच्छा जताई थी। अब उन्होंने जाने का फैसला किया है, तो वह अपनी इच्छा से ही ऐसा कर रहे हैं। भविष्य में जो भी सरकार बनेगी, वह उनके नेतृत्व में ही काम करेगी।”
राजद की ओर से वर्तमान सांसद और कारोबारी से नेता बने अमरेंद्र धारी सिंह ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। वह पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के साथ विधानसभा सचिवालय पहुंचे।
नामांकन दाखिल करने के बाद केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा, “जदयू ने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे तीन बार राज्यसभा भेजा है। मैं 12 वर्ष तक विधानपरिषद सदस्य और 10 वर्ष तक विधायक रहा हूं। मैं पार्टी नेतृत्व का आभारी हूं। मैं बिहार को विकसित बनाने के लिए नीतीश कुमार के प्रयासों में अपनी भूमिका निभाना चाहता हूं।”
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह उनके लिए खुशी की बात है कि नीतीश कुमार भी राज्यसभा जा रहे हैं, जिससे उन्हें “अपने बड़े भाई के साथ काम करने” का अवसर मिलेगा।
जब उनसे बिहार के अगले मुख्यमंत्री के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार अब भी राज्य के मुख्यमंत्री हैं और उन्होंने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। यह सवाल तभी उठेगा जब वह अपना इस्तीफा देंगे।”
राज्यसभा की जिन पांच सीट के लिए चुनाव हो रहा है, उनमें से दो सीट अभी राजद के पास थीं। हालांकि 2025 के विधानसभा चुनाव में महज 25 सीट पर सिमटने के बाद राजद ने केवल एक उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है और पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद के करीबी सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता को इस बार टिकट नहीं दिया है।
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में राजग के पास 202 विधायकों का बहुमत है। हालांकि सभी पांच सीट जीतने के लिए उसे तीन और मतों की जरूरत होगी।
राजद को महागठबंधन के 10 अन्य विधायकों का समर्थन प्राप्त है और वह छह वोट की कमी को पूरा करने के लिए हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बसपा से समर्थन मिलने की उम्मीद कर रहा है। हालांकि अब तक दोनों दलों ने किसी भी उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा नहीं की है।
नामांकन पत्रों की जांच शुक्रवार को होगी और नौ मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। यदि सभी छह उम्मीदवार मैदान में बने रहते हैं तो 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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