पटना, चार मई (भाषा) बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा रविवार देर रात को ध्वस्त हो गया, हालांकि इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
कुल 4.7 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला सेतु जिले में भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है।
भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने संवाददाताओं को बताया, “रात करीब 12:50 बजे विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास दो स्लैब के बीच दरार बन गयी। इसके कुछ ही देर बाद एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया।”
उन्होंने कहा कि किसी वाहन के स्लैब के साथ गिरने, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
जिलाधिकारी ने कहा, “जैसे ही अधिकारियों को दो स्लैब के बीच दरार बनने की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां से सभी वाहनों और लोगों को हटा दिया।”
चौधरी ने बताया कि पुल के नवगछिया और भागलपुर दोनों ओर यातायात रोक दिया गया है। उन्होंने इन दोनों स्थानों के बीच यात्रा करने वाले लोगों से मुंगेर के रास्ते वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की।
घटना के संभावित कारणों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “एक विशेषज्ञ इंजीनियरिंग समिति का गठन किया गया है, जो इस घटना की जांच करेगी और ध्वस्त होने के कारणों का पता लगाएगी। विशेषज्ञ टीम इस घटना की गहन जांच करेगी।”
गौरतलब है कि इस वर्ष मार्च में सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो आया था, जिसमें पुल की सुरक्षा दीवारें जर्जर स्थिति में दिखाई गई थीं। इस पर तत्कालीन पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा था कि क्षतिग्रस्त हिस्से का जल्द पुनर्निर्माण किया जाएगा।
इस घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर राज्य के पथ निर्माण विभाग और सेतु निर्माण से जुड़ी एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही थी।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों द्वारा सेतु के कमजोर पाए को लेकर बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद प्रशासन ने समय रहते आवश्यक मरम्मत कार्य नहीं कराया, जिसके कारण यह घटना हुई।
फिलहाल, प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है और कहा है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भाषा कैलाश मनीषा
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