उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले बिहार के एससी-एसटी छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति : मंत्री

उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले बिहार के एससी-एसटी छात्रों को मिलेगी छात्रवृत्ति : मंत्री

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 08:24 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 08:24 PM IST

पटना, 20 जनवरी (भाषा) बिहार सरकार उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले राज्य के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देगी। बिहार के जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

बिहार के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने मंगलवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री के साथ विभिन्न केंद्रीय एवं राजकीय योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की।

पासवान ने केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के समक्ष ‘नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप योजना’ के तहत विदेश जाने वाले बिहार के एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने का प्रस्ताव रखा, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने अपनी सहमति जता दी।

एससी-एसटी कल्याण मंत्री ने राज्य में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के शैक्षणिक उत्थान के लिए नए छात्रावासों की आवश्यकता पर भी बल दिया। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार से प्रति छात्र 3.5 से चार लाख रुपये की दर से राशि आवंटित करने की मांग की।

उन्होंने बताया कि 100 छात्रों के लिए लगभग चार करोड़ रुपये और 200 छात्रों के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। इस प्रस्ताव पर भी केंद्रीय मंत्री ने सहमति व्यक्त की।

इसके अलावा, मंत्री पासवान ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष ‘प्रधानमंत्री अजय योजना’ के तहत 40 प्रतिशत अथवा 500 से अधिक एससी आबादी वाले गांवों के लिए ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम’ योजना के अंतर्गत प्रति ग्राम 20 लाख रुपये की ‘गैप फिलिंग’ राशि देने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को भी केंद्रीय मंत्री ने स्वीकृति प्रदान की।

इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बिहार सरकार ‘गांव विकास योजना’ का चयन कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे, ताकि अनुशंसाओं के आधार पर एससी-एसटी टोलों में सोलर लाइट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं अन्य विकासात्मक योजनाओं को शामिल किया जा सके।

भाषा

कैलाश

रवि कांत