बिहार एसटीएफ ने कुख्यात कोढ़ा गिरोह के सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद के लिए प्रकोष्ठ बनाया

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बिहार एसटीएफ ने कुख्यात कोढ़ा गिरोह के सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद के लिए प्रकोष्ठ बनाया

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  • Publish Date - September 27, 2026 / 04:30 PM IST,
    Updated On - September 27, 2026 / 04:30 PM IST

पटना, 27 सितंबर (भाषा) बिहार पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने राज्य और इसके बाहर कई अपराधों में शामिल कुख्यात ‘कोढ़ा गिरोह’ पर कार्रवाई के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि कोढ़ा, बिहार के कटिहार जिले का एक प्रखंड है, जहां से यह गिरोह संचालित होता है। गिरोह मुख्य रूप से नकदी लूट, बैंक डकैती और बड़ी आभूषण दुकानों में चोरी जैसी आपराधिक घटनाओं में शामिल है।

इस गिरोह का नेटवर्क पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र तक फैला हुआ है। इन राज्यों की पुलिस गिरोह के सदस्यों की तलाश में अक्सर कोढ़ा थाना पहुंचती रही है।

बिहार एसटीएफ ने रविवार को एक बयान में कहा कि इस प्रकोष्ठ ने गिरोह के सदस्यों की तस्वीरें, नाम, पते और उनके परिवारों से जुड़ी जानकारी जुटाई है। जांच एजेंसियां संदिग्धों की पहचान और उनके पते की पुष्टि के लिए प्रकोष्ठ से संपर्क कर सकती हैं।

एसटीएफ ने बताया कि इस पहल से बिहार और अन्य राज्यों में गिरोह से जुड़े कई मामलों में आरोपियों की पहचान करने और मामलों को सुलझाने में मदद मिली है।

बल ने कहा कि कोढ़ा गिरोह का कोई सदस्य कहीं भी अपराध करता है तो आरोपी की पहचान के लिए बिहार एसटीएफ के कोढ़ा प्रकोष्ठ से संपर्क किया जा सकता है। इससे अपराधियों का पता लगाने और मामलों को सुलझाने में मदद मिलेगी।

कोढ़ा थाना प्रभारी पंकज आनंद ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कोढ़ा गिरोह के सदस्य अब भी यहां सक्रिय हैं, लेकिन उनकी संख्या में काफी कमी आई है। गिरोह के कुछ वरिष्ठ सदस्य अपने बच्चों को भी इन गतिविधियों का प्रशिक्षण देते हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि गिरोह के करीब 50 सदस्य सक्रिय हो सकते हैं।

थाना प्रभारी ने कहा, ‘‘हम संदिग्ध ग्रामीणों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हैं और उनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर उन्हें गिरफ्तार कर लेते हैं।’’

भाषा प्रचेता सुरेश

सुरेश