भाजपा एमएलसी ने मीसा पर जमुई छेड़छाड़ पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज कराई

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भाजपा एमएलसी ने मीसा पर जमुई छेड़छाड़ पीड़िता की पहचान उजागर करने का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज कराई

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  • Publish Date - September 26, 2026 / 07:47 PM IST,
    Updated On - September 26, 2026 / 07:47 PM IST

पटना, 26 सितंबर (भाषा) बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) शीला पंडित ने शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की लोकसभा सदस्य मीसा भारती के खिलाफ पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराकर उन पर जमुई जिले की कथित छेड़छाड़ पीड़िता की ‘‘पहचान उजागर करने’’ का आरोप लगाया।

छेड़छाड की इस घटना को लेकर देशभर में व्यापक आक्रोश उत्पन्न हो गया था।

पटना जिले के मनेर प्रखंड की निवासी पंडित ने राजधानी के सचिवालय थाने में शिकायत दर्ज कराई। मनेर, राजद नेता भारती के पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में आता है।

भारती ने शुक्रवार शाम इसी थाने में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी। आरोप है कि घटना के बाद मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची लड़की और उसके परिजनों की तस्वीरें उनके ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट की गईं और कुछ ही मिनट बाद हटा दी गईं।

भारती और उनके छोटे भाई एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर उस पोस्ट के स्क्रीनशॉट साझा किए थे, जिनमें लड़की और उसके परिजनों के चेहरे धुंधले किए गए थे।

पंडित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि भारती ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सामने तस्वीर प्रदर्शित की और बाद में उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया, जिससे नाबालिग लड़की और उसके परिवार की पहचान उजागर होने की आशंका उत्पन्न हुई।

शिकायतकर्ता ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का हवाला दिया, जिनके तहत किसी अपराध से जुड़े बच्चे की पहचान उजागर करने वाली जानकारी के प्रसार पर रोक है।

भाजपा एमएलसी ने भारती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, संबंधित वीडियो फुटेज, तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट को सुरक्षित रखने तथा राजद नेता के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।

गत 26 सितंबर को दी गई शिकायत में नाबालिग लड़की और उसके परिवार की निजता एवं गरिमा की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का भी अनुरोध किया गया है।

शुक्रवार को थाने पहुंचने के बाद भारती ने आरोप लगाया था कि अधिकारी चौधरी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के उल्लंघन को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने में अनिच्छुक नजर आए। राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा था, ‘‘हम अदालत का रुख करेंगे।’’

बाद में पुलिस ने एक बयान जारी करके कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय के एक कर्मचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जो इस चूक के लिए जिम्मेदार हो सकता है।

घटना में एक किशोरी और एक लड़के को सड़क पर एक समूह ने रोक लिया था और कथित तौर पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। किशोरी और लड़का कथित तौर पर एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ते थे। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो क्लिप में लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने की घटना दिखी थी।

यह घटना पिछले सोमवार को सामने आई, जब आरोपियों में से कुछ द्वारा कथित तौर पर बनाए गए वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आये थे।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश