IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: गांव की बेटी स्नेहा ने रचा इतिहास, 94.8% अंक लाकर बनीं बलरामपुर जिले में टॉपर, IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप देकर किया सम्मान
IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: IBC24 ने स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप देकर बलरामपुर जिले के गांव चंदननगर की बेटी स्नेहा कुशवाहा को सम्मानित किया।
IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026/Image Credit: IBC24
- IBC24 ने हर साल की तरह इस साल भी स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम का आयोजन किया।
- स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप कार्यक्रम में सीएम साय ने टॉपर बेटियों को सम्मानित किया।
- सम्मान पाने वालों में बलरामपुर जिले के गांव चंदननगर की बेटी स्नेहा कुशवाहा भी शामिल है।
IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: रायपुर: यदि एक आदमी शिक्षित होता है तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब एक बेटी शिक्षित होती है तो पूरी पीढ़ी शिक्षित होती है। कुछ इन्हीं भावों और विचारों के साथ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 हर वर्ष बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ठ अंक अर्जित करने वाली बेटियों को स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप प्रदान करता है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप (Swarn Sharada Scholarship) केवल एक स्कॉलरशिप ही नहीं हैं, बल्कि यह उन बेटियों के भविष्य के लिए अंशदान है, जो समाज और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बने हैं। इस बार भी छत्तीसगढ़ की 12वीं की बोर्ड परीक्षा में स्टेट टॉपर बेटी को 1 लाख रुपए, उनके स्कूल को 1 लाख रुपए और जिले में प्रथम आने वाली बेटियों को 50-50 हजार रुपए प्रदान किया गया। सम्मान पाने वालों में बलरामपुर जिले के गांव चंदननगर की बेटी स्नेहा कुशवाहा भी शामिल है।
इंजीनियर बनने का सपना
बलरामपुर जिले के छोटे से गांव चंदननगर की बेटी स्नेहा कुशवाहा ने अपनी मेहनत और लगन से पूरे जिले का नाम रोशन किया है। बारहवीं बोर्ड परीक्षा में 94.8 प्रतिशत अंक हासिल कर स्नेहा ने बलरामपुर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। एक किसान परिवार से आने वाली स्नेहा अब इंजीनियर बनने का सपना लेकर जेईई परीक्षा की तैयारी में जुट गई हैं। (IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026)
रामानुजगंज क्षेत्र के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल, जामवंतपुर की छात्रा स्नेहा कुशवाहा का जन्म वर्ष 2008 में हुआ। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई करते हुए उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 94.8 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप किया। स्नेहा का कहना है कि सफलता का सबसे बड़ा मंत्र नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास है।
किसानी के साथ ऑटो चलाते हैं पिता
IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026: स्नेहा बताती हैं कि वह स्कूल में शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए हर विषय को घर जाकर दोबारा पढ़ती थीं। इसी आदत ने उनकी तैयारी को मजबूत बनाया। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें घरेलू कामकाज में भी रुचि है और वह परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाती हैं। अब उनका लक्ष्य जेईई परीक्षा में सफलता हासिल कर इंजीनियर बनना है। स्नेहा के पिता राजेंद्र कुशवाहा किसान हैं और परिवार की आजीविका चलाने के लिए खेती के साथ ऑटो भी चलाते हैं। परिवार में दो बहन और एक भाई हैं तथा स्नेहा अपने माता-पिता की दूसरी संतान हैं। कठिन परिस्थितियों के बावजूद परिवार ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।
बेटी की इस उपलब्धि से पूरा परिवार और गांव गर्व महसूस कर रहा है। स्नेहा कुशवाहा की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, अनुशासन और परिवार का सहयोग हो तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं। अब पूरे जिले को उम्मीद है कि स्नेहा जेईई में भी सफलता हासिल कर अपने इंजीनियर बनने के सपने को साकार करेंगी। (IBC24 Swarna Sharda Scholarship 2026)
2015 से दी जा रही है यह स्कॉलरशिप
बता दें कि, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ का नंबर वन न्यूज चैनल IBC24 2015 से ही यह स्कॉलरशिप प्रदान कर रहा है। IBC24 अपने स्थापना के समय से ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत रहा है। स्वर्ण शारदा स्कॉलरशिप हमारे इस मुहिम की एक बानगी है। इसके जरिए हम बेटियों को उड़ान भरने के लिए आसमान देते हैं, जिससे वह समाज बीच बेटियों के लिए पनपी गलत धारणाओं को दूर कर सकें।
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