(तस्वीरों के साथ)
पटना, 24 सितंबर (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को बिहार के अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) को साधते हुए वादा किया कि यदि राज्य में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनी तो उनके लिए अनुसूचित जाति (एसटी) व अनुसूचित जनजाति (एसटी) अत्याचार निवारण अधिनियम की तर्ज पर एक विशेष कानून लागू किया जाएगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने यहां कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद आयोजित ‘अति पिछड़ा न्याय संकल्प’ कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और महागठबंधन में सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव भी मौजूद थे।
गांधी ने अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के लिए 10 संकल्पों की घोषणा की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार द्वारा कराए गए जातीय सर्वेक्षण के अनुसार ईबीसी राज्य की कुल आबादी का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि ईबीसी के लिए अत्याचार निवारण कानून के अलावा अन्य संकल्पों में पंचायत एवं नगर निकायों में ईबीसी का आरक्षण 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करना शामिल है। साथ ही वंचित वर्गों के लिए 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों में 50 प्रतिशत आरक्षण, निजी शिक्षण संस्थानों में नामांकन का कोटा और भूमिहीन परिवारों को शहरी क्षेत्रों में तीन डेसिमल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पांच डेसिमल भूमि देने का प्रावधान भी किया गया है।
गांधी ने कहा, ‘‘ये संकल्प उस दृष्टि का हिस्सा हैं, जो हमने लंबे समय से ईबीसी समाज के साथ बातचीत के आधार पर तैयार किए है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि इससे उन वर्गों को न्याय मिलेगा, जिन्हें अब तक उचित भागीदारी नहीं मिली।
गांधी ने कहा कि देश में आरक्षण की 50 फीसदी की सीमा को तोड़ा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान पर लगातार हमला हो रहा है और पूरे देश में लोगों के हक छीने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा में उन्होंने दो बातें रखी थीं-पहली, सामाजिक न्याय के लिए 50 फीसदी आरक्षण की दीवार को तोड़कर फेंक दिया जाएगा तथा दूसरी, देश में पिछड़े, अतिपिछड़े और दलितों को उचित भागीदारी नहीं मिली है, इसके लिए जाति-जनगणना कराई जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने डर कर जाति-जनगणना की बात मान ली है।
गांधी ने कहा कि यह संकल्प अतिपिछड़ों की आवाज है और इसे लागू किया जाएगा।
उन्होंने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में 20 वर्षों से सरकार में रहते हुए भी जनता दल (यू) के नेता ने अतिपिछड़ों के लिए कुछ नहीं किया।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने आपसे वोट लिया और बाद में आपको इस्तेमाल कर किनारे कर दिया।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान को मानने वाली पार्टी है, जबकि भाजपा संविधान को खत्म करना चाहती है।
गांधी ने संवाद के दौरान ‘हाइड्रोजन बम’ का भी उल्लेख किया और कहा कि यह ‘‘जल्द आने वाला है।’’
इस मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पिछले वर्ष भाजपा-नीत राजग में लौटकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे ‘मनुवाद’ के समर्थक हैं।
उन्होंने तेजस्वी यादव की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘अगर कल को वह फिर से आपके पास गठबंधन के लिए आएं तो भूलकर भी स्वीकार मत करना। हरियाणा में हमने ‘आया राम गया राम’ देखा है। हम यहां ‘आया नीतीश, गया नीतीश’ नहीं देखना चाहते।’’
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यादव ने अपने संबोधन में कहा कि 17 महीने की महागठबंधन सरकार के दौरान आरक्षण की सीमा 65 फीसदी की गई थी और केंद्र को इसे नौवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन मांग नहीं मानी गई।
उन्होंने भाजपा पर ‘‘आरक्षण चोरी’’ का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोग वही हैं, जिन्होंने पहले कर्पूरी ठाकुर को गालियां दी थीं।
यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार भ्रष्ट अधिकारियों के कब्जे में है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को केवल ‘‘चेहरे’’ की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सत्ता में आए तो ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।’’
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने एक मंत्री पर ‘‘अतिपिछड़ा पत्रकार की पिटाई’’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई तो उलटे उनपर ही मामला दर्ज कर दिया गया।
यादव ने कहा कि उनकी लड़ाई संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय भी उतना ही जरूरी है, ताकि समाज का हर तबका मुख्यधारा से जुड़ सके।
यादव ने कहा कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कर्पूरी ठाकुर और राममनोहर लोहिया का सपना पूरा नहीं हो जाता।
उन्होंने आरक्षण का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में कर्पूरी ठाकुर ने 12 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया था, लालू प्रसाद के शासन में यह सीमा 15 प्रतिशत की गई और महागठबंधन की सरकार बनने पर इसे बढ़ाकर 24 प्रतिशत कर दिया गया।
यादव ने वादा किया कि यदि उनकी सरकार बनी तो मंडल आयोग की बची हुई सिफारिशें भी लागू की जाएंगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि आरक्षण लागू करने में कोई लापरवाही करेगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अतिपिछड़ा वर्ग से आने वाले राजग सरकार के मंत्री समाज के लिए नहीं, बल्कि केवल अपने व्यक्तिगत कामों के लिए सक्रिय रहते हैं।
राजद नेता ने कहा कि बिहार की आबादी करीब 14 करोड़ है और सवाल यह है कि सबको आगे कैसे बढ़ाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी किसी वर्ग या समुदाय के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है और ‘‘हम ऐसा राज्य और देश चाहते हैं जहां सभी अमन-चैन से रह सकें।’’
भाषा कैलाश नोमान
नोमान