चिराग और मांझी सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं: तेजस्वी यादव

चिराग और मांझी सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं: तेजस्वी यादव

चिराग और मांझी सामान्य सीट से चुनाव लड़कर दिखाएं: तेजस्वी यादव
Modified Date: September 1, 2026 / 05:36 pm IST
Published Date: September 1, 2026 5:36 pm IST

पटना, एक सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्रियों चिराग पासवान और जीतन राम मांझी को अपनी सुरक्षित संसदीय सीट छोड़कर सामान्य श्रेणी के निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य से ताल्लुक रखने वाले दोनों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नेताओं पर ‘‘भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के इशारे पर आपसी बयानबाजी करने’’ का आरोप लगाया।

यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस आरक्षण को समाप्त करना चाहते हैं।

राजद नेता ने कहा, ‘‘पासवान और मांझी दोनों सरकार में शामिल हैं। इसके बावजूद वंचित जातियों के लिए आरक्षण कोटा बढ़ाने की पहल करने के बजाय वे विरोधाभासी बयान दे रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘दोनों नेता भाजपा और आरएसएस के हाथों की कठपुतलियां प्रतीत हो रहे हैं। अगर ऐसा है, तो वे अपनी सुरक्षित सीट छोड़ें और सामान्य श्रेणी के निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़कर दिखाएं।’’

दलितों के सबसे वंचित वर्गों के लिए उप-कोटा लागू करने की वकालत करने वाले हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक जीतन राम मांझी और इस विचार का कड़ा विरोध कर रहे चिराग पासवान के बीच जबानी जंग छिड़ी हुई है।

तेजस्वी ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा के सभी सहयोगी, चाहे मांझी हों, पासवान हों या फिर अन्य राज्यों में ओम प्रकाश राजभर और रामदास अठावले जैसे नेता। ये सभी आरक्षण को खत्म करने की आरएसएस की कोशिशों के सामने मूकदर्शक बने हुए हैं। हालांकि, हम ऐसा कतई नहीं होने देंगे।’’

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जब राजद बिहार में सत्ता में शामिल था, ‘‘तब हमने तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को वंचित जातियों के लिए आरक्षण 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 65 प्रतिशत करने के लिए बाध्य किया था।’’

तेजस्वी ने कहा, ‘‘हमने इस कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने का भी दबाव बनाया था, क्योंकि हमें आशंका थी कि भाजपा अपने सहयोगियों की मदद से अदालत के जरिए इसे रद्द करवा देगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी आशंकाएं सच साबित हुईं। केंद्र में भाजपा की एक अहम सहयोगी जद(यू) (जनता दल-यूनाइटेड) इस कानून को नौवीं अनुसूची में शामिल कराने की मांग नहीं उठा सकी है। राजग में शामिल दलित नेताओं के अलावा अनुप्रिया पटेल और उपेंद्र कुशवाहा जैसे प्रमुख अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) चेहरे भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।’’

तेजस्वी यादव ने राज्य की भाजपा-समर्थित सरकार पर भी हमला बोला और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ‘‘एक ऐसा पुलिस राज्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जहां सच बोलने पर लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।’’

राजद नेता संवाददाता सम्मेलन में वैशाली जिले के ‘कुंदन’ नामक एक यूट्यूबर को भी साथ लाए।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि कुंदन को हाल में वैशाली के एक मंत्री के इशारे पर गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘हाल के दिनों में फर्जी मुठभेड़ों और पुलिस हिरासत में मौत के कई मामले सामने आए हैं, जिससे लोगों का पुलिस पर से भरोसा उठ रहा है। राजद इसे बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर जरूरत पड़ी तो सरकार को नींद से जगाने के लिए हम सड़कों पर उतरेंगे।’’

तेजस्वी यादव ने राजग सहयोगियों में परिवारवाद पर भी तंज कसा।

राजद नेता ने कहा, ‘‘चिराग पासवान अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन राज्य सरकार में मंत्री हैं। नीतीश कुमार के बेटे निशांत मंत्री हैं और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश भी मंत्री हैं, जिन्हें विधायिका का सदस्य चुने जाने से पहले ही मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया था।’’

भाषा खारी पवनेश

पवनेश


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