मुजफ्फरपुर, छह जून (भाषा) बिहार के मुजफ्फरपुर के एक अस्पताल में लगी आग की त्रासदी में मरने वालों की संख्या शनिवार को एक और मरीज की मौत हो जाने के बाद बढ़कर सात हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
इसके साथ ही उस निजी अस्पताल का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है, जहां आईसीयू वार्ड में आग लगने के बाद दम घुटने से मरीजों की मौत हो गई थी।
बृहस्पतिवार को शॉर्ट सर्किट के कारण आईसीयू में धुआं भर जाने से पांच मरीजों की मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के दौरान अस्पताल कर्मी मरीजों को असहाय छोड़कर भाग गए। एक अन्य व्यक्ति की शुक्रवार को स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
मुजफ्फरपुर जिले के एक अधिकारी ने बताया कि आईसीयू से बचाए गए अंजनी कुमार सिंह नामक व्यक्ति की शनिवार को मृत्यु हो गई। सिंह मुजफ्फरपुर जिले के पर्री गांव के निवासी थे।
इस बीच, मुजफ्फरपुर के जिला जनसंपर्क अधिकारी प्रमोद कुमार ने शनिवार को कहा, ‘‘अस्पताल प्रबंधन की सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही को देखते हुए मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन ने प्रसाद अस्पताल का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।’’
उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन ने अस्पताल प्रबंधन को इस संबंध में सात दिन के भीतर आवश्यक अभिलेख और साक्ष्यों के साथ तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
आग की घटना के सिलसिले में अस्पताल के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
अग्निशमन विभाग के महानिदेशक शोभा आहोटकर ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सभी मौतें दम घुटने के कारण हुईं और किसी भी मृतक के शरीर पर जलने के निशान नहीं थे।
भाषा प्रशांत दिलीप
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