अभ्यास के माध्यम से नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने पर जोर : न्यायमूर्ति साहू

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अभ्यास के माध्यम से नागरिकों में सुरक्षा की भावना पैदा करने पर जोर : न्यायमूर्ति साहू

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  • Publish Date - April 25, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - April 25, 2026 / 09:38 PM IST

पटना, 25 अप्रैल (भाषा) पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने शनिवार को अभ्यास (मॉक ड्रिल) के माध्यम से नागरिकों में सुरक्षा और संरक्षा की भावना पैदा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

वह पटना उच्च न्यायालय परिसर में बिहार पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय प्रदर्शन और अभ्यास के बारे बोल रहे थे।

बिहार पुलिस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, साहू ने कहा, “नागरिकों में सुरक्षा और संरक्षा की भावना पैदा करना संवैधानिक जिम्मेदारी है। इस तरह के अभ्यास न केवल प्रतीकात्मक हैं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों को प्रदर्शित करने और जनता का विश्वास मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण हैं।”

इसमें कहा गया है कि अभ्यास में आतंकवाद से संबंधित आकस्मिक स्थितियों का अनुकरण किया गया और एटीएस कर्मियों द्वारा त्वरित और समन्वित कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया।

बयान में कहा गया, “अभ्यास के दौरान एटीएस ने प्रमुख परिचालन पहलुओं का प्रदर्शन किया, जिसमें नकली आतंकवादी घटनाओं पर वास्तविक समय में प्रतिक्रिया देना, तलाशी, अवरोधन और निष्क्रियकरण के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करना और नियंत्रित वातावरण में प्रभावी जोखिम प्रबंधन शामिल है।”

इस अवसर पर न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद, एडवोकेट जनरल प्रशांत कुमार शाही और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएस) पंकज कुमार दराद सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

भाषा प्रशांत रंजन

रंजन