नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथधाम तक बनेगा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे: मंत्री

नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथधाम तक बनेगा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे: मंत्री

नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथधाम तक बनेगा हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे: मंत्री
Modified Date: February 11, 2026 / 12:09 am IST
Published Date: February 11, 2026 12:09 am IST

पटना, 10 फरवरी (भाषा) बिहार के पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि नेपाल के पशुपतिनाथ से बिहार होते हुए झारखंड के बैद्यनाथधाम तक ‘पशुपतिनाथ–बैद्यनाथधाम हाई-स्पीड कॉरिडोर’ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा।

जायसवाल ने विधानसभा में 2026–27 के लिए पथ निर्माण विभाग का 8,260 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश करते हुए कहा कि प्रस्तावित 250 किलोमीटर लंबा ‘पशुपतिनाथ–बैद्यनाथ धाम हाई-स्पीड कॉरिडोर’ काठमांडू से शुरू होगा, भीमनगर और बीरपुर से गुजरते हुए बिहार के सुपौल जिले में भारत में प्रवेश करेगा।

उन्होंने बताया कि इसके बाद यह मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से गुजरते हुए झारखंड के देवघर जिले स्थित बैद्यनाथधाम तक पहुंचेगा। जायसवाल ने कहा कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर को झारखंड के बैद्यनाथधाम से सीधे जोड़ना है ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति मिल सके।

उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के निर्माण से बिहार और झारखंड के कई जिलों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी तथा क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी।

मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को रक्सौल–हल्दिया और दरभंगा–अमस एक्सप्रेसवे जैसे अन्य प्रमुख मार्गों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वी भारत में सड़क संपर्क का एक सशक्त नेटवर्क विकसित होगा।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत-नेपाल सीमा सड़क परियोजना के तहत बिहार में कुल 554.08 किलोमीटर लंबाई में सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि यह परियोजना सीमावर्ती सात जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरती है।

यह मार्ग पश्चिमी चंपारण के मदनपुर से शुरू होकर किशनगंज जिले के गलगलिया में समाप्त होगा।

मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा बल्कि व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा के लिहाज से भी राज्य को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।

वहीं, जायसवाल ने कहा कि गंगा नदी के दक्षिणी किनारे पर आरा से लेकर भागलपुर तक जेपी गंगा पथ के विस्तार की योजना है।

उन्होंने बताया कि राज्य की अतिमहत्वाकांक्षी परियोजना जेपी गंगा पथ का कार्य पूर्ण कर लोकार्पण किया जा चुका है और इस पथ पर आवागमन सुगम हो गया है। भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र


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