पटना, 28 अक्टूबर (भाषा) महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने संयुक्त घोषणापत्र में वादा किया है कि उसकी सरकार बनने पर राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर रोक लगाई जाएगी।
विपक्षी गठबंधन ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी किया जिसे ‘तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है।
इस घोषणापत्र में कहा गया है, ‘‘सभी अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी। वक्फ संशोधन विधेयक (कानून) पर रोक लगाई जाएगी और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाते हुए इसे समुदाय के लिए अधिक कल्याणकारी और उपयोगी बनाया जाएगा।’’
महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने 26 अक्टूबर को भी कहा था कि गठबंधन के सत्ता में आने पर इस वक्फ (संशोधन) अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।
संसद ने विपक्ष के कड़े विरोध के बीच इस साल अप्रैल में वक्फ संशोधन विधेयक को मंजूरी दी थी जो अब कानून बन चुका है।
महागठबंधन ने घोषणापत्र में कहा है, ‘‘किसी भी धार्मिक संस्थान या स्थल पर हमले को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। सांप्रदायिक उन्माद, उत्पात, हिंसा, ‘हेट स्पीच’ और ‘मॉब लिंचिंग’ पर सख्त रोक लगाई जाएगी, तथा अपराधियों को त्वरित और कठोर सजा दी जाएगी।’’
इसमें कहा गया है कि आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े मुस्लिम समुदाय की समानता और उन्नति सुनिश्चित करने के लिए सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू किया जाएगा।
महागठबंधन ने कहा, ‘‘बौद्ध गया स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय के लोगों को सुपुर्द किया जाएगा।’’
विपक्षी गठबंधन ने कहा है कि पसमांदा मुसलमानों को हर प्रकार के न्याय के दायरे में लाकर उनकी आर्थिक और शैक्षिक उन्नति के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उसने यह भी कहा कि उर्दू भाषा के संरक्षण और विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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