पटना, 23 सितंबर (भाषा) बिहार के जमुई छेड़छाड़ कांड और राज्य में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में कथित बढ़ोतरी के खिलाफ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के महिला प्रकोष्ठ ने बुधवार को पटना में विरोध मार्च निकाला और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की।
यह मार्च वीरचंद पटेल रोड स्थित राजद कार्यालय से शुरू होकर आयकर गोलंबर के निकट समाप्त हुआ। इस दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने आयकर गोलंबर के पास मुख्यमंत्री चौधरी का पुतला भी फूंका।
महिला प्रकोष्ठ की कार्यकर्ताओं ने सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की तथा तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए, जिनके पास गृह विभाग भी है।
राजद कार्यकर्ता पूजा शेखर यादव ने संवाददाताओं से कहा, “बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। जमुई की घटना राजग सरकार पर एक और कलंक है। मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। यह शर्मनाक है कि राजग के कुछ नेता और मंत्री ऐसी घटनाओं को छोटी-मोटी बात बताकर उसका बचाव कर रहे हैं। राजधानी पटना में भी महिलाएं और बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।”
जमुई की यह घटना 19 सितंबर को हुई थी, लेकिन सोमवार को उस समय सामने आई जब आरोपियों द्वारा कथित रूप से बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
वायरल वीडियो में एक नाबालिग लड़की को कुछ युवक जबरन उठाकर उसके साथ छेड़छाड़ करते दिखाई दिए, जबकि उसका मित्र मदद की गुहार लगाता रहा। इसके बाद दोनों पीड़ित किसी तरह वहां से भाग निकले और आरोपी कुछ दूरी तक उनका पीछा करते रहे।
मंगलवार को बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने दावा किया था कि बिहार “गुंडाराज” का सामना कर रहा है।
इस बीच, जिला बार एसोसिएशन, जमुई ने निर्णय लिया है कि उसके पदाधिकारी और सदस्य इस मामले के आरोपियों की ओर से अदालत में पैरवी नहीं करेंगे।
मुख्य आरोपी को पुलिस ने मंगलवार तड़के हुई मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया था।
भाषा कैलाश शफीक
शफीक