खरगे ने पवार एवं उद्धव पर टिप्पणी के लिए मोदी की आलोचना की

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खरगे ने पवार एवं उद्धव पर टिप्पणी के लिए मोदी की आलोचना की

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  • Publish Date - May 11, 2024 / 05:39 PM IST,
    Updated On - May 11, 2024 / 05:39 PM IST

पटना, 11 मई (भाषा) कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार से कांग्रेस के साथ जाकर ‘‘मरने’’ के बजाय भाजपा नीत राजग से हाथ मिलाने के लिये कहने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना की ।

‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए खरगे ने कहा, ‘‘नंदुरबार में (नरेन्द्र) मोदी ने कहा कि ठाकरे और (शरद)पवार को पाला बदल लेना चाहिए और उनकी सभी इच्छाएं पूरी हो जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के साथ मरने से बेहतर ऐसा करना होगा। क्या कोई प्रधानमंत्री ऐसी भाषा बोलता है।’’

प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी राकांपा के संस्थापक शरद पवार के उस बयान का जिक्र करते हुये की थी जिसमें राकांपा (एसपी) सु्प्रीमों ने कहा था कि भाजपा का विरोध करने वाली कई छोटी पार्टियां कांग्रेस के करीब आएंगी और कुछ का उसमें ‘‘विलय’’ भी हो सकता है ।

खरगे ने लोकसभा चुनाव के तीन चरण जिसमें 285 (लोकसभा की कुल 543 सीटों में से) पर हुए मतदान के बारे में अपने अनुमान के अनुसार इस बात पर जोर दिया कि मोदी के लिए केंद्र में अगली सरकार बनाना अत्यंत मुश्किल होने वाला है।

कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘मैं आंध्र प्रदेश में रैलियों को संबोधित कर रहा था, जब प्रधानमंत्री पड़ोसी राज्य तेलंगाना में थे। अतीत में उनके भाषणों में जो अभिमान और गर्व था, वह गायब था।’’

खरगे ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ जबरदस्त जनाक्रोश है, जो बेरोजगारी और ‘‘असहनीय मुद्रास्फीति’’ से निपटने में (पूरी तरह) असमर्थ है ।

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी ने प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियों के वादे किए थे अबतक 20 करोड़ नौकरियां देनी थी जो उन्होंने नहीं दिए। वह उसके बारे में वह कुछ नहीं बोलते। वह मुद्रास्फीति और महंगाई के बारे में भी कुछ नहीं बोलते। इनका अपने भाषण में कहीं भी जिक्र नहीं करते। इस तरह उन्होंने जो वादे किए थे, उन वादों पर वह कुछ बात नहीं करते। उन्होंने 10 साल में क्या विकास कार्य किया, उसके बारे में भी वह कुछ नहीं बोलते।’’

उन्होंने अपनी सारी ऊर्जा ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने पर केंद्रित की है। इसलिए उनके पास बोलने के लिए कुछ भी नहीं है और वह हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा करने का सहारा ले रहे हैं, लेकिन लोग उनकी इस चाल को समझ गए हैं।

खरगे ने दोहराया कि मोदी को ‘‘प्रधानमंत्री बनने से रोका जाएगा और कहा कि अगली सरकार इंडिया गठबंधन बनाएगा, लेकिन उन्होंने इस सवाल को टाल दिया कि अगर विपक्षी गठबंधन सत्ता में आया तो शीर्ष पद किसे मिलेगा।

सैम पित्रोदा को लेकर पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्होंने (पार्टी की विदेशी शाखा के प्रमुख पद से) खुद ही इस्तीफा दे दिया। मुझे उम्मीद है कि अब यह अध्याय बंद हो गया है और विवाद खत्म हो जाएगा।’’

पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के पुराने वीडियो खंगालने के लिए भाजपा की आलोचना की, जिसके लिये वह पहले ही माफी मांग चुके हैं ।

संवाददाता सम्मेलन के दौरान मौजूद भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत पर रिहाई के आदेश को भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसका आम चुनाव के शेष चार चरणों पर असर पड़ेगा।

संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीरा कुमार और मोहन प्रकाश के अलावा राजद के वरिष्ठ नेता मनोज झा तथा वामदलों के अन्य नेता भी उपस्थित थे । भाषा अनवर रंजन

रंजन