राहुल गांधी अब युवा नहीं रहे, फिर भी युवा होने का दिखावा करते हैं : जदयू नेता श्रवण कुमार

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राहुल गांधी अब युवा नहीं रहे, फिर भी युवा होने का दिखावा करते हैं : जदयू नेता श्रवण कुमार

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 07:15 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 07:15 PM IST

पटना, 21 जुलाई (भाषा) जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता एवं बिहार के मंत्री श्रवण कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ‘‘युवा विरोधी” बताए जाने संबंधी राहुल गांधी के बयान पर मंगलवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भी अब युवा नहीं रहे ।

जदयू विधायक दल के नेता कुमार ने बिहार विधानसभा परिसर के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का भी परोक्ष रूप से समर्थन करते हुए कहा कि कोई कितना भी बड़ा व्यक्ति क्यों न हो, कानून तोड़ने पर कार्रवाई का सामना करना ही पड़ेगा।

कुमार से लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस वीडियो बयान के बारे में पूछा गया, जो उन्होंने दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बाद जारी किया था।

राहुल गांधी (56) ने कहा था, ‘‘इस देश में युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। प्रधानमंत्री मोदी भारत के अब तक के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं। दिल्ली की सड़कों पर चल रहे लड़के-लड़कियों को अपराधी बनाया जा रहा है।”

इस पर कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी अब युवा नहीं रहे, हालांकि वह ऐसा दिखावा करते हैं। उनके युवा होने के दावे पर ही सवालिया निशान है। फिर भी हमारा मानना है कि बिहार और देश तभी आगे बढ़ेगा, जब हमारे युवाओं को इतनी क्षमता दी जाए कि वे प्रतिस्पर्धी दुनिया में अपने दम पर आगे बढ़ सकें।”

दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘चाहे छात्र हों, विधायक जैसे जनप्रतिनिधि हों या सरकार के मंत्री, यदि कोई कानून तोड़ता है तो कानून अपना काम करेगा।”

हालांकि, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के एक अन्य घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इस मामले पर कुछ अलग राय व्यक्त की।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक राजू तिवारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरी राय में युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग से बचा जाना चाहिए था। हालांकि, वे जिन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, उन पर मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।”

कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे कुछ प्रदर्शनकारी नीट प्रश्नपत्र लीक की कथित बार-बार की घटनाओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

दिनभर चले प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के अलावा नवोन्मेषक से सामाजिक कार्यकर्ता बने सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने तथा इस वर्ष नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की भी मांग की गई।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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