महागठबंधन को ओवैसी और मायावती के समर्थन की आस

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महागठबंधन को ओवैसी और मायावती के समर्थन की आस

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 10:55 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 10:55 PM IST

पटना, 20 फरवरी (भाषा) बिहार में घोषित पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होने के बीच विपक्षी महागठबंधन ने शुक्रवार को कहा कि वह एक सीट जीतने के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन और बहुजन समाज पार्टी के समर्थन पर भरोसा कर रहा है, हालांकि इन दलों के साथ उसका अब तक कोई औपचारिक गठबंधन नहीं रहा है।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) शामिल हैं।

महागठबंधन के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में 35 विधायक हैं जो राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से यह छह कम है।

एआईएमआईएम के पांच और बसपा का एक विधायक है, जिनके समर्थन से महागठबंधन अपनी दावेदारी मजबूत करने की उम्मीद जता रहा है।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा, “प्रतिस्पर्धा के बिना लोकतंत्र अधूरा है। हम पांच में से कम से कम एक सीट के लिए चुनाव लड़ेंगे। हमें विश्वास है कि एआईएमआईएम और बसपा व्यापक हित में हमारा साथ देंगी।”

कांग्रेस के कमरुल होदा और माकपा के अजय कुमार ने भी उम्मीद जताई कि असदुद्दीन ओवैसी और मायावती यह समझेंगे कि महागठबंधन मुसलमानों और दलितों के मुद्दे उठाता रहा है, इसलिए इस महत्वपूर्ण समय में सहयोग की अपेक्षा स्वाभाविक है।

हालांकि, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने संकेत दिया कि उनकी पार्टी केवल समर्थन देने तक सीमित नहीं रहना चाहती।

उन्होंने कहा, “हमेशा हमसे ही समर्थन की उम्मीद क्यों की जाती है? अन्य दल भी हमारे उम्मीदवार का समर्थन कर सकते हैं।”

इस बीच, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने सभी पांच सीट पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है जिसके पास विधानसभा में 202 विधायक हैं।

जनता दल (यूनाइटेड) नेता अशोक चौधरी ने कहा कि सभी सीट पर जीत के लिए आवश्यक अतिरिक्त मतों की व्यवस्था कर ली जाएगी।

सूत्रों के अनुसार जद(यू) अपनी दो सीटें बरकरार रख सकती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी दो सीट पर उम्मीदवार उतार सकती है। पांचवीं सीट लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

राज्यसभा चुनाव को लेकर दोनों खेमों की सक्रियता बढ़ गई है और आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण और स्पष्ट होने की संभावना है।

भाषा कैलाश खारी

खारी