ममता सरकार ने घुसपैठियों को पहचान पत्र मुहैया कराए, बंगाल में पुनः सत्यापन की जरूरत: गिरिराज

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ममता सरकार ने घुसपैठियों को पहचान पत्र मुहैया कराए, बंगाल में पुनः सत्यापन की जरूरत: गिरिराज

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  • Publish Date - March 1, 2026 / 06:33 PM IST,
    Updated On - March 1, 2026 / 06:33 PM IST

पटना, एक मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर घुसपैठियों को “आधार कार्ड जैसे पहचान दस्तावेज” उपलब्ध कराने का रविवार को आरोप लगाया और निर्वाचन आयोग (ईसी) से राज्य में पुन: सत्यापन करने का आग्रह किया।

सिंह ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में “कम से कम 70-80 लाख बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं” के नाम जोड़े गए हैं।

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल के अनुसार, निर्वाचन आयोग द्वारा शनिवार को प्रकाशित राज्य की अंतिम मतदाता सूची से 63.66 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जबकि 60 लाख से अधिक नाम ‘विचाराधीन’ हैं।

सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, “निर्वाचन आयोग को पश्चिम बंगाल में और अधिक सक्रियता से काम करने की जरूरत है। ममता बनर्जी सरकार ने कई बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को आधार कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। इसलिए, मैं निर्वाचन आयोग से अपील करता हूं कि वह इस मामले को गंभीरता से ले और पश्चिम बंगाल में पुनः सत्यापन कराए।”

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल ‘‘घुसपैठियों के लिए सबसे बड़ी नर्सरी बन गया है’’।

उन्होंने कहा, “यदि इन घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें देश से बाहर नहीं निकाला गया, तो इससे भारत की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न होगा। पश्चिम बंगाल में सरकार बदलना बहुत आवश्यक है क्योंकि ममता बनर्जी भारत की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी हैं।”

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता देश में “शहरी नक्सलवाद” का नेतृत्व कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कांग्रेस को ‘मुस्लिम लीग माओवादी पार्टी’ कहना बिल्कुल सही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ‘शहरी नक्सलवाद’ का ही अनुसरण कर रही है।”

सिंह ने कहा, “जहां पूरी दुनिया भारत की प्रशंसा कर रही है, वहीं राहुल गांधी देश को बदनाम करने में व्यस्त हैं। जब तक वह कांग्रेस में रहेंगे, पार्टी का पतन जारी रहेगा।”

भाषा प्रशांत देवेंद्र

देवेंद्र